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जस्टिस कुरैशी की पदोन्नति मामले में सुनवाई स्थगित

नयी दिल्ली, (लोकसत्य)। केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को शुक्रवार को अवगत कराया कि बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अकील कुरैशी को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नति की ‘सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम’ की अनुशंसा पर वह एक सप्ताह के भीतर निर्णय ले लेगा। 
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ को बताया कि न्यायमूर्ति कुरैशी की पदोन्नति को लेकर कॉलेजियम की सिफारिश पर एक सप्ताह में निर्णय ले लिया जायेगा। इसके बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी।
शीर्ष अदालत ने गत दो अगस्त को गुजरात उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संघ की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए 14 अगस्त तक इस बारे में निर्णय करने का सरकार को निर्देश दिया था। पीठ ने केंद्र को यह समय सीमा उस वक्त दी थी जब मेहता ने उसे अवगत कराया था कि संसद सत्र को बढ़ा दिया गया है। ऐसे में सरकार को कम से कम दस दिन का और समय दिया जाना चाहिए। पीठ ने तब कहा था, “आपको जो भी फैसला लेना है, वह लें और अदालत के समक्ष उसे रखें।”
शीर्ष अदालत अधिवक्ता संघ की उस जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र सरकार को न्यायमूर्ति कुरैशी की पदोन्नति के संबंध में कॉलेजियम की 10 मई की अनुशंसा पर कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 22 जुलाई को न्यायमूर्ति कुरैशी के नाम की सिफारिश पर फैसला लेने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था। कॉलेजियम ने गत 10 मई को यह सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने अब तक इस पर फैसला नहीं लिया है।

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