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नोटबंदी से 99 फीसदी करंसी बैंकिंग सिस्टम में लौटी

नई दिल्ली (सोकसत्य)। तीन साल पहले 8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था। नोटबंदी का ऐलान करते हुए सरकार ने कहा था कि इससे देश में ब्लैक मनी पर चोट पहुंचेगी। हालांकि नोटबंदी के बाद लगभग 99 फीसदी करंसी बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आई। नोटबंदी को मंजूरी देने वाले आरबीआई बोर्ड ने कहा था ‎कि ब्लैक मनी का बड़ा हिस्सा कैश के तौर पर नहीं रहता बल्कि एसेट्स में तब्दील हो जाता है, जैसे सोना या प्रॉपर्टी। ऐसे में इस तरह के कदम का इन संपत्तियों पर असर नहीं होता।  आरबीआई बोर्ड ने कहा कि नकली नोट कभी भी बड़ी समस्या नहीं रहे। बोर्ड ने कहा कि 400 करोड़ रुपए की नकली करंसी की बात करें तो इतनी बड़ी इकॉनमी में इसका प्र‎तिशत कोई बहुत ज्यादा नहीं है। यही नहीं नए जारी किए गए 500 रुपए की करंसी के नकली नोट 2018-19 में बड़े पैमाने पर बढ़े हैं। इसके अलावा सरकार ने नए जारी हुए 2000 रुपए के नोटों की छपाई का काम रोक दिया है। आरबीआई का कहना है कि लोग इन नोटों को जमा कर रहे हैं और इससे सर्कुलेशन में कमी आ रही है। इसके अलावा नकली नोट बनाने वालों के नेक्सस को तोड़ने के लिए भी ऐसा करने की बात कही गई है। नोटबंदी के दौरान देश में डिजिटल और कार्ड पेमेंट्स में बड़ा इजाफा हुआ था। लेकिन अब एक बार फिर से यह ग्रोथ नोटबंदी के पहले वाले स्तर पर पहुंच गई है। यही नहीं अब तक ऐसा कोई आंकड़ा भी सामने नहीं आया है, जिससे टेरर फंडिंग या करप्शन में कमी आने की पुष्टि हुई हो।

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