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आरईआईटी जुट सकती है, अगले 3 साल में 25 अरब डॉलर की पूंजी


नई दिल्ली, (लोकसत्य)। रियल एस्टेट कंपनियां अचल संपत्ति निवेश न्यास (आरईआईटी) के द्वारा किराया कमाई देने वाली व्यावसायिक संपत्तियों को सूचीबद्ध कर अगले 3 साल में 25 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी जुटा सकती हैं। रियल्टी क्षेत्र में परामर्श देने वाली कंपनी ने यह अनुमान व्यक्त किया है। इस साल वैश्विक निवेश कंपनी ब्लैकस्टोन और रियल्टी कंपनी एंबैसी समूह ने देश का पहला आरईआईटी पेश कर 4,750 करोड़ जुटाये थे। दोनों कंपनियों के संयुक्त उपक्रम एंबैसी ऑफिस पार्क्स ने शेयर बाजारों में किराया देने वाली संपत्तियों को सूचीबद्ध किया था। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शोभित अग्रवाल ने कहा,देश का रीयल एस्टेट क्षेत्र अगले तीन साल में वाणिज्यिक आरईआईटी से 25 अरब डॉलर से अधिक पूंजी जुटा सकता है। यह शीर्ष सात शहरों में किराये से कमाई करने वाली ग्रेड-ए की 15 करोड़ वर्ग फीट से अधिक कार्यालय संपत्तियों को सूचीबद्ध कर किया जा सकता है।’’उन्होंने कहा कि अभी शीर्ष सात शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे में ग्रेड-ए श्रेणी की करीब 55 करोड़ वर्ग फीट कार्यालय संपत्तियां हैं। इनमें से 31-32 करोड़ वर्ग फीट आरईआईटी योग्य हैं। अग्रवाल ने कहा कि कई बड़े डेवलपर अपनी व्यावसायिक संपत्तियों को सूचीबद्ध करने को उत्सुक हैं। कंपनी के अनुसार,प्रेस्टिज समूह की जल्दी ही पहला वाणिज्यिक आरईआईटी पेश करने की योजना है। इसके अलावा आरएमजेड कॉर्प, के.रहेजा कॉर्प, गोदरेज प्रॉपर्टीज और पंचशील रियल्टी की भी आरईआईटी लाने की योजना है। अग्रवाल ने कहा कि आवासीय संपत्तियों की श्रेणी में आरईआईटी आने में अभी समय लगेगा।

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