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पवनहंस की बिक्री के लिए बोली प्रक्रिया शुरू

नयी दिल्ली, (लोकसत्य)। सरकारी हेलिकॉप्टर सेवा कंपनी पवनहंस की बिक्री के लिए सरकार ने गुरुवार को बोली प्रक्रिया दोबारा शुरू की है। इससे पहले पिछले साल सिर्फ एक खरीदार के सामने आने के कारण कंपनी की विनिवेश प्रक्रिया विफल हो गयी थी। 

इस बार पूरी कंपनी को बिक्री के लिए रखा गया है। सरकार कंपनी की अपनी पूरी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल अन्वेषण कंपनी ओएनजीसी ने भी सरकार के साथ ही उसकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प दिया है। ये 49 प्रतिशत शेयर भी उसी दर पर खरीदे जा सकेंगे जिस दर पर सरकार के शेयर खरीदे जायेंगे।
संभावित खरीदार अपनी शंकाएँ एक अगस्त तक भेज सकते हैं जिनके जवाब आठ अगस्त तक दिये जायेंगे। अभिरुचि पत्र जमा कराने की आखिरी तारीख 22 अगस्त है। इस चरण में सिर्फ तकनीकी बोली जमा करानी होगी। इसके बाद 12 सितंबर को पहले चरण के सफल बोली दाताओं को जानकारी दी जायेगी और उनसे वित्तीय बोली आमंत्रित की जायेगी।

पवनहंस की बिक्री के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को सौदा सलाहकार नियुक्त किया गया है। पवनहंस की पिछले साल विफल बोली प्रक्रिया के लिए भी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स ही सौदा सलाहकार थी। 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा आज जारी आरंभिक सूचना पत्र में बताया गया है कि 31 मार्च 2019 को पवनहंस की प्राधिकृत पूँजी 560 करोड़ रुपये और चुकता पूँजी 557.48 करोड़ रुपये थी। सरकार के पास 2,84,316 और ओएनजीसी के पास 2,73,166 शेयर थे। उसके पास 30 अप्रैल 2019 को 43 हेलिकॉप्टर थे। कई राज्यों की सरकारें तथा ओएनजीसी उसके ग्राहक हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय संपर्क योजना यानी ‘उड़ान’ के तहत उसे 11 मार्गों का आवंटन किया गया है जिनमें तीन पर उसने परिचालन शुरू कर दिया है।

कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में 72.42 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था जबकि इससे पहले वह लगातार मुनाफे में रही थी और सरकार को लाभांश भी दे रही थी। वित्त वर्ष 2017-18 में उसने 20.56 करोड़ रुपये का और 2016-17 में 254.08 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

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