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एमसीएलआर दर में और कटौती कर सकता है यूको बैंक

अहमदाबाद (लोकसत्य) सरकारी क्षेत्र के यूको बैंक ने आज कहा कि वह घर, कार और व्यक्तिगत ऋण दर से संबंधित अपने एमसीएलआर दर में हाल में 15 आधार अंकों (बेसिस प्वाइंट) की कटौती के बाद इसमें और कमी करने पर विचार कर रहा है।ज्ञातव्य है कि अगर ऐसा होता है तो बैंक के ग्राहकों को और सस्ते दर पर ऋण मिलेगा।

बैंक के प्रबंध निदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए के गोयल ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि गत नौ अगस्त को एमसीएलआर में 15 अंकों की कटौती की गयी थी जिससे यह 8.65 प्रतिशत से घट कर 8.5 प्रतिशत रह गयी थी। बैंक इसको और कम करने पर विचार करेगा और अगले महीने हमारी जमा-साख समिति (अल्को) की बैठक में इस पर कोई निर्णय होगा। पहले ही की गयी कटौती से ही ऋण दर खासे तर्कसंगत हो गये हैं और बहुत ऊंचे नहीं है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि बैंक की ऋण वृद्धि दर अब भी अपेक्षित नहीं है।

ज्ञातव्य है कि यूको बैंक ने रिजर्व बैंक के रेपो दर में 35 बेसिस प्वाइंट की कमी के कुछ ही दिन बाद अपने दर में कटौती की थी। इसने तभी कहा था कि यह अपने रिण दर को रेपो दर से सीधे जोड़ कर ग्राहकों को फायदा पहुंचाना चाहता है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि उनका बैंक पूंजी पर्याप्तता अनुपात, एनपीए और लाभ संबंधी मानकों को पूरा कर अगले साल मार्च तक रिजर्व बैंक की ओर से लगाये गये पीसीए प्रतिबंधों से बाहर आ जायेगा। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि बैंकों का विलय देश की बैंकिंग प्रणाली को मजबूती देने के लिए एक सही कदम है। उनका बैंक अब खुदरा क्षेत्र, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

इसने प्रति तिमाही 2000 करोड़ रूपये के बकाया ऋण वसूली का लक्ष्य भी तय किया है। इसके लगभग 29000 करोड़ के एनपीए में से 25500 करोड़ मात्र 189 खातों से जुड़े हैं।ज्ञातव्य है कि कोलकाता आधारित यूको बैंक गत जून माह में उस समय सुर्खियों में था जब इसने अपने ही पूर्व प्रोमोटर बिरला परिवार के एक सदस्य और जाने माने उद्याेगपति तथा यश बिरला समूह के चेयरमैन यशोवर्धन बिरला को जानबूझ कर बना चूककर्ता यानी विलफुल डिफाल्टर घोषित कर दिया था। उन्होंने बैंक का लगभग 67 करोड़ का ऋण ले रखा है जिसे कथित तौर पर लौटाया नहीं है।

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