कोरोना वायरसबड़ी खबरेंलाइफस्टाइलहेल्थ

जॉनसन एंड जॉनसन कोरोना वैक्सीन को मिली हरी झंडी

नई दिल्ली (लोकसत्य)। कोरोना ने एक साल में कितना कुछ बदल दिया है। हमारा रहन-सहन, खाने-पीने का तरीका और भी बहुत कुछ। इससे निजात पाने में हमे करीबन एक साल से ज्यादा वक़्त लग गया,और वैक्सीन बन कर अब तैयार हुई। कई अलग-अलग वैक्सीन कोरोना के लिए बने है। जॉनसन एंड जॉनसन को हरी झंडी मिलने वाली है। इस की सिंगल डोज कोविड-19 वैक्सीन को अगले महीने ही ब्रिटेन में मंजूरी देने की बात की जा रही है। ये दावा साफ़ है कि इसके मदद से ब्रिटेन के टीकाकरण अभियान को काफी हद बढ़ावा मिलेगा।

ब्लूमबर्ग ओपिनियन के योगदानकर्ता सैम फाजली ने बताया है कि ये एक खुराक वाली वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण में हुए परीक्षण के नतीजों ने कोरोना वायरस के खिलाफ बहुत ही मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया दिखाई दी है। इसके नतीजों का पूरा डिटेल मेड-आरएक्सआईवी की वेबसाइट पर जारी किया गया है। ये परीक्षण परिणामों के आधार पर कोई भी गंभीर दुष्प्रभाव नहीं थे। पहली डोज के बाद आप एंटीबॉडी की प्रतिक्रिया लगातार मजबूत होने लगती है और 71 दिन तक सुधरी रही है। इसके साथ ही 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इसका प्रभाव जो है वो बहुत ही कम था। ये जॉनसन एंड जॉनसन का टिका Pfizer Inc की दो खुराक के एकदम बराबर है।

आपको बता दे कि इसका इम्युनोलॉजिकल डेटा अब तक तो बिलकुल ही सही देखने को मिल रहा है। वैक्सीन की प्रभाव का पता लगाने के लिए आपको एक बड़े चरण के परीक्षण की बहुत जरूरत है। वहीं जॉनसन एंड जॉनसन के परीक्षण की बात करें तो ये अंतर यह है कि इसका मुख्य लक्ष्य एक निर्धारित करना होता है कि टीका गंभीर से बीमारी के जोखिम को कितनी अच्छी तरीके से कम करता है। जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज भी कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे चरण की परीक्षण से सीधे इस सवाल का जवाब मिल जाता है कि इसे कितनी जल्दी हमारे लिए सही काम रहेगा।

Tags
Show More

Related Articles

Back to top button
Close