
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि उनका देश अब अमेरिका पर आश्रित नहीं रहने वाला है। उन्होंने कहा कि कनाडा में तेजी से नई साझेदारियां सामने आ रही है। भारत के साथ रिश्तों में बड़ी प्रगति सामने आई है। कार्नी बयान ऐसे समय में आए हैं जब अमेरिका-कनाडा रिश्तों में काफी तनाव बढ़ गया है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कनाड़ा के संग सभी ट्रेड नेगोशिएशन पर पाबंदी लगा दी है। उन्होंने कनाडा पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया। ट्रंप के बयान के बाद कार्नी को सफाई पेश करनी पड़ी। उन्होंने इसके लिए ट्रंप से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि ओंटारियो सरकार मकसद विवाद को नहीं बढ़ना नहीं था.
नई साझेदारियां को तैयार कर रहे
कार्नी ने एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) समिट में हिस्सा भी लिया। उन्होंने कहा कि ‘हम तेजी से नई साझेदारियां को तैयार कर रहे हैं। दुनिया का सबसे तेज बढ़ता हुआ क्षेत्र एशिया-पैसिफिक है। ये ग्लोबल इकोनॉमी का 60 प्रतिशत का भाग हैै। भारत वहां सबसे अहम भागीदारों में से एक है।
विदेश मंत्रियों की कई बैठकें भी हुई
उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के बीच विदेश मंत्रियों की कई बैठकें भी हुई हैं। पीएम मोदी से उनकी सीधी मुलाकात नहीं हुई। दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक बातचीत लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि हम घर में अपनी ताकत को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। बाहर साझेदारियों को मजबूत करें। अमेरिका पर अब पूरी तरह से निर्भता ठीक नहीं है।