
PM Modi attacks Congress: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए छठी मईया की पूजा का अपमान करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के नेता जो महिलाएं निर्जला उपवास करती हैं और गंगा में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं, उनके लिए यह पूजा केवल 'ड्रामा' और 'नौटंकी' है। मोदी ने सवाल उठाया कि क्या बिहार की जनता इस अपमान को सहन करेगी, और यह भी पूछा कि क्या कोई चुनाव में वोट पाने के लिए छठी मईया का अपमान कर सकता है?
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने आरजेडी और कांग्रेस की शासन व्यवस्था पर भी कड़ा हमला किया। उन्होंने इसे 'जंगल राज' करार देते हुए कहा कि ऐसे शासन में भ्रष्टाचार, कुशासन, और कटुता का बोलबाला है। मोदी ने पांच शब्दों में विपक्ष की शासन प्रणाली का वर्णन किया - "कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और भ्रष्टाचार"। उनका कहना था कि यह स्थिति बिहार के विकास के रास्ते में एक बड़ी रुकावट बन चुकी है, और इसके परिणामस्वरूप गरीबों का हक लूटा जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां करप्शन और कुशासन होता है, वहां सामाजिक न्याय और विकास की कोई उम्मीद नहीं होती।
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बिहार की सामाजिक समरसता का प्रतीक छठ पूजा
पीएम मोदी ने कहा कि छठ महापर्व बिहार और देश का गौरव है, जिसे न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में मनाया जाता है। उन्होंने छठी मईया की पूजा को समाज में समता, ममता और सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में पेश किया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार इस पूजा की सम्मान में दुनिया को इन मूल्यों से अवगत कराना चाहती है।
जरूरी है कानून का राज
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग और व्यापार की आवश्यकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि जमीन, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून का राज मजबूत हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों का इतिहास जमीन कब्जाने और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, वे कभी भी राज्य में सही ढंग से उद्योग स्थापित नहीं कर सकते।