उत्तर प्रदेशएजुकेशन

बीटीसी ट्रेनिंग सेंटर में गलत तरीके से प्रवेश के मामले में 13 मई को सुनवाई

प्रयागराज, लोकसत्य । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा श्रीमती फुलेहरा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण केंद्र कमटैला, रसरा, बलिया के 43 छात्रों ने संस्थान के प्रवेश को अमान्य करने का खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण ली है। याचियों का कहना है कि प्रेक्टिकल टेस्ट 20 मई 2019 तथा परीक्षा 24 जून 2019 को होने जा रही है। बलिया के राकेश कुमार यादव एवं 42 अन्य की याचिका को न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने सुनवाई के लिए 13 मई सोमवार को अन्य पीठ के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। परिषद ने इस वर्ष 14 मई 2018 को सर्कुलर जारी कर आनलाइन परीक्षा से संस्थानों में प्रवेश का आदेश जारी किया। गत वर्ष 22 जून तक आनलाइन पंजीकरण किए गए और 30 जून को परीक्षा हुई। उन्हें 30 जुलाई तक प्रवेश लेने को कहा गया था। वर्ष 2018-19 सत्र में आनलाइन टेस्ट से ही प्रवेश की छूट दी गयी और संस्थाओं द्वारा सीधे या अन्य तरीके से प्रवेश को अवैध करार दिया गया। ऐसा शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखने के लिए किया गया। एक याचिका पर न्यायालय के आदेश पर परिषद ने आठ नवम्बर से 7 दिसम्बर 2018 तक लेट फीस 500 एवं 8 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक एक हजार लेट फीस के साथ पंजीकरण की छूट दी गयी। याचियों का प्रवेश इसके बाद लेकर पंजीकरण को भेजा गया तो परिषद ने देरी करने के कारण निरस्त कर दिया। छात्रों के भविष्य को लेकर यह याचिका दाखिल की गयी है।

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