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वोटिंग करने में यमुनापार बना टॉपर

भूपेन्द्र पांचाल, नई दिल्ली, लोकसत्य। दिल्ली में यमुनापार को भले ही पिछड़ा इलाका माना जाता रहा हो। लेकिन दिल्ली की सातों सीटों पर वोटिंग करने वालों में यमुनापार वालों ने अपनी पूरी धाक जमाई है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से सोमवार को संसदीय सीटों के विधानसभानुसार आंकड़े जारी किये गये। इन आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद यह तथ्य सामने आये हैं कि यमुनापार की नार्थ-ईस्ट व ईस्ट संसदीय सीट वोटिंग के मामले में टॉपर रही हैं।
इस बीच देखा जाए तो दिल्ली की सातों सीटों पर रविवार को वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में दिल्ली 2014 के 65.07 फीसदी वोटिंग के मुकाबले 2019 में सिर्फ 60.34 फीसदी पर ही सिमट गई। हालांकि वोटिंग पर्सेंटेज के हिसाब से चांदनी चौक नार्थ-ईस्ट संसदीय सीट के बाद दूसरी ऐसी सीट रही है जहां पर वोटरों ने 62.63 पर्सेंट वोट कर सैकेंड पोजिशन बनायी है।
सीईओ ऑफिस के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो यमुनापार की नार्थ-ईस्ट व ईस्ट संसदीय सीट पर वोटरों ने वोट करने में कोई कंजूसी नहीं दिखाई है। इन दोनों सीटों की 20 विधानसभाओं में वोटरों ने जमकर वोटिंग की। नार्थ-ईस्ट सीट पर वोटरों ने 63.45 फीसदी व ईस्ट ने 61.93 फीसदी वोट कर अपने अधिकार की धाम जमाने का काम किया है। वहीं सबसे छोटी संसदीय सीट चांदनी चौक के वोटरों ने 62.63 फीसदी वोट कर सैकेंड पोजिशन हासिल की है। लेकिन विधानसभा की बात की जाए तो चांदनी चौक संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाली बल्लीमारान सीट ऐसी है जोकि 70 विधानसभाओं में से सबसे ज्यादा वोटिंग 68.25% व शकूरबस्ती 68.07 फीसदी हासिल करने वाली रही है।
हैरान करने वाली बात तो यह है कि नार्थ-वेस्ट (सुरक्षित) संसदीय सीट सातों में से सबसे बड़ी सीट (2377604 वोटर) है। इस सीट पर मात्र 58.72 फीसदी वोटिंग ही हो सकी है। यहां वोटरों ने वोटिंग में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। हालांकि रोहिणी (63.94%), मंगोलपुरी (सुरक्षित सीट) (63.74%), नरेला (60.98%) व सुल्तानपुर माजरा (सुरक्षित सीट) (60.09%) सीट पर
वोटरों ने वोटिंग में कुछ दिलचस्पी दिखाई है।
नार्थ-ईस्ट की आठ विस में हुई है बंपर वोटिंग
वोटिंग करने में सबसे आगे रहने वाली यमुनापार की नार्थ-ईस्ट सीट की 10 विधानसभाओं के वोटिंग पर्सेंटेज की बात की जाए तो सभी पर जबर्दस्त वोटिंग हुई है। इस संसदीय सीट पर दलित व मुस्लिम वोटरों की संख्या भी अच्छी खासी है। नार्थ-ईस्ट सीट की गोकलपुरी (सुरक्षित) विधानसभा में सबसे ज्यादा वोटिंग 67.51 फीसदी हुई। वहीं सीमापुरी (सुरक्षित सीट) 67.04 फीसदी, सीलमपुर 66.47 फीसदी, रोहताश नगर 66.27 फीसदी, मुस्तफाबाद 65.22 फीसदी, करावल नगर 62.95 फीसदी, बाबरपुर 62.14 फीसदी, तिमारपुर 60.02 फीसदी में वोटिंग हुई। इसके अलावा बुराड़ी 59.98 फीसदी और घोंडा में 59.17 फीसदी वोटिंग हुई। दिलचस्प बात यह है कि इस सीट से भाजपा व कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष क्रमश: मनोज तिवारी व शीला दीक्षित तो आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय चुनावी मैदान में हैं।
ओखला सीट पर वोटिंग को नहीं निकले वोटर
नार्थ-ईस्ट सीट से सटी ईस्ट संसदीय सीट भले ही दिल्ली में वोटिंग पर्सेंटेज के लिहाज से तीसरे नंबर पर आती हो। लेकिन यमुनापार की दोनों सीटों के हिसाब से नार्थ-ईस्ट के बाद ईस्ट सीट 61.93 फीसदी वोटिंग के साथ दूसरे नंबर पर मानी जा सकती है। दिल्ली की दिशा और दशा के प्रति यमुनापार का वोटर ज्यादा जागरूक दिखायी दिया। ईस्ट दिल्ली संसदीय सीट के कृष्णा नगर 66.83%, कोंडली (सुरक्षित सीट) 65.79%, त्रिलोकपुरी (सुरक्षित सीट) 65.36%, शाहदरा 64.37, विश्वास नगर 62.91%, गांधी नगर 61.65%, लक्ष्मी नगर 61.64%, पटपड़गंज 60.21% व जंगपुरा (सुरक्षित सीट) 59.5% में अच्छी खासी वोटिंग हुई। लेकिन ओखला में सिर्फ 54.82% ही हुई जोकि मुस्लिम बहुल विधानसभा है। यहां से भाजपा के गौतम गंभीर, कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली व आम आदमी पार्टी की आतिशी मर्लेना किस्मत आजमा रही हैं।
नई दिल्ली व साउथ दिल्ली पिछड़ी, वेस्ट थोड़ी ठीक
नई दिल्ली संसदीय सीट ऐसी सीट साबित हुई है जहां पर वोटरों ने वोटिंग में दिलचस्पी नहीं दिखाई। यहां पर सिर्फ 56.91 फीसदी वोटिंग हो सकी। यह अपने आप में निराशाजनक मानी जा रही है। बात की जाए इसके अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों के वोटिंग पर्सेंटेज की तो दिल्ली कैंट सिर्फ 42.13 फीसदी वोट कर सबसे फिसड्डी सीट के रूप में देखा गया है। हालांकि ग्रेटर कैलाश विधानसभा में 61.07 फीसदी वोटिंग सबसे ज्यादा हुई है। वहीं वेस्ट दिल्ली संसदीय सीट पर मात्र 60.64 और साउथ दिल्ली सीट पर 58.13 फीसदी ही वोटिंग हो सकी है। वेस्ट दिल्ली की जनकपुरी मादीपुर, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, उत्तम नगर, हरी नगर, द्वारका, नजफगढ़ विधानसभाओं में अच्छी वोटिंग हुई है। तीनों सीटों पर भाजपा के सीटिंग सांसदों की साख दांव पर लगी है।

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