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बच्चों में मधुमेह का खतरा बढ़ा

नई दिल्ली, (लोकसत्य)। मधुमेह का रोग अब बच्चों में भी होने लगा है। इसका कारण आजकल का खानपान और फास्ट फूड हैं। वहीं अब तक ज्यादातर लोग टाइप 2 डायबिटीज-मधुमेह को वयस्कों की बीमारी मानते हैं। वास्तव में, टाइप 2 मधुमेह को वयस्क की बीमारी माना जाता है लेकिन आज के समय में इसका सामना बच्चे भी कर रहे हैं। अधिक वजन होने के कारण टाइप 2 मधुमेह के विकास में मदद मिलती है। आपको बता दें अधिक वजन वाले बच्चों में इंसुलिन प्रतिरोध की संभावना बढ़ जाती है। जिससे ब्लड शुगर की संभावना बढ़ जाती है।

बच्चों में मधुमेह के लक्षण
बच्चों में टाइप 2 मधुमेह के लक्षण पहचानना आसान नहीं होता हैं। ज्यादातर मामलों में, रोग धीरे-धीरे विकसित होता है, जिससे लक्षणों का पता लगाने में मुश्किल होती है। आइए जानते हैं बच्चों में मधुमेह के लक्षण के बारे में।

अत्यधिक प्यास
जिन बच्चों को अत्यधिक प्यास लगती है तो समझ लीजिए उनका ब्लड शुगर का स्तर बहुत ही ऊंचा है।

लगातार पेशाब
ब्लड स्ट्रीम में अत्यधिक शुगर का स्तर शरीर के ऊतकों से तरल पदार्थ खींच सकता है। इसकी वह से आपको बच्चों को बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है।

भूख लगना
मधुमेह वाले बच्चों में उनके शरीर के कोशिकाओं के लिए ईंधन प्रदान करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन नहीं होती है। इस दौरान बच्चेन बहुत भूखे हो जाते हैं और उनमें एनर्जी कम होने लगती है।

अत्यधिक थकान
यदि आपका बच्चा असाधारण रूप से थका हुआ या नींद लेता है, तो यह मधुमेह के लक्षणों में से एक है। थकान से भरे रहना- मधुमेह से पीडित बच्चोंम में जब इंसुलिन नहीं रहता है तो उनमें ऊर्जा खतम हो जाती है और वह थकान से भर जाते हैं।

त्वचा में कालापन
यदि आपके बच्चे में टाइप 2 डायबिटीज है, तो उनकी त्वचा पर काले धब्बे दिखाई देंगे। इसे एन्थॉथोसिस निगिकेंस भी कहा जाता है। यह ज्यादातर बगल और गर्दन में दिखाई देता है।

बच्चों में मधुमेह के उपचार
टाइप 2 मधुमेह वाले बच्चों के लिए उपचार वयस्कों के लिए इलाज के समान है। आइए जानते हैं इसके उपचारों के बारे में…

स्वस्थ आदतों को बनाए रखें
टाइप 2 मधुमेह से बच्चों को दूर रखना है तो उन्हें पौष्टिक भोजन खिलाएं। उनका आहार पूरी तरह से संतुलित होना चाहिए। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और सुगर का कम से कम सेवन करना चाहिए। मिठाई, सफेद रोटी, पेस्ट्री, सोडा, और अन्य अत्यधिक संसाधित या परिष्कृत खाद्य पदार्थ बच्चों में मोटापा टाइप 2 मधुमेह को बढ़ाने का काम करते हैं।

व्यायाम करना
मधुमेह को रोकने के लिए नियमित व्यायाम महत्वपूर्ण है। बच्चों में टाइप 2 मधुमेह की बीमारी न हो इसलिए उन्हें व्यायाम करना सीखाना चाहिए। उन्हें इंडोर गेम खेलने के बजाय आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

अपने वजन को संतुलित रखें
बच्चों में टाइप 2 मधुमेह की बीमारी न हो इसलिए उनका वजन हमेशा संतुलित रखें। स्वस्थ आहार और व्यायाम की आदतें बच्चों को स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद कर सकती है।
बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज़ जैसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या न हो इसके लिए उनकी सेहत पर ध्यान देनी की जरूरत है नहीं तो भविष्य में वह कई अन्य गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

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