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एलईडी की नीली रौशनी’ से शरीर के इन अंगों में कैंसर होने का खतरा

लंदन, (लोकसत्य)। आउटडोर एलईडी स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अंतरार्ष्ट्रीय शोधकर्ताओं के एक दल ने यह निष्कर्ष निकाला है। बार्सिलोना में 4,000 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया कि जो लोग लेड की रोशनी में ज्यादा रहते हैं, उन्हें ऐसी रोशनी में कम रहने वालों की तुलना में स्तन और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा डेढ़ गुना बढ़ जाता है। इसमें पाया गया कि एलईडी लाइट्स से निकलने वाली ‘नीली रौशनी’ शरीर की जैविक घड़ी को प्रभावित करती है, जिससे नींद का पैटर्न बदल जाता है। इससे जिस्म में हामोर्न के स्तर पर असर होता है।

स्तन और प्रोस्टेट कैंसर दोनों हामोर्न से जुड़ी खराबी के कारण होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतरार्ष्ट्रीय कैंसर शोध एजेंसी (आईएआरसी) ने मनुष्यों के लिए रात की पाली में काम करने को कैंसर का खतरा बताया है। ईएसग्लोबल की शोधार्थी और अध्ययन की संयोजक मेनोलिस कोजेविन्स ने बताया, ‘इस शोध में हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि शहरों में रात में रौशनी में रहने से कहीं इन दोनों तरह के कैंसर के विकास का संबंध तो नहीं है।’

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