लाइफस्टाइल

एक मदरसा ऐसा जहां होती है गायों की पूजा

नई दिल्ली (लोकसत्य)  देश में गौरक्षा के नाम पर काफी राजनीति की खबरे आती रहती हैं। गौरक्षा की वजह  मॉब लिंचिंग तक हो चुकी हैं। यहां तक कई लोग जान भी गंवा बैठे हैं। खासतौर पर मुस्लिम। लेकिन देश में एक ऐसा राज्य है जो गाय पर राजनीति करने वालों के गाल पर तमाचा मार रही है। दरअसल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक एक मामला सामने आया है। जहां एक मदरसे में ना सिर्फ मुस्लिम छात्रो को तालीम दी जाती है बल्कि यहां एक गौशाला भी है जहां मुस्लिम समाज के लोग गायों की सेवा करते हैं।

हैना वाकई चौंकाने वाली खबर। भोपाल से सटे तूमड़ा गांव में दारुल उलूम हुसैनिया मदरसा है। जो कि पहली नजर में दूसरे मदरसों की ही तरह दिखता है। जहां बच्चे इस्लामिक तालीम सीख रहे हैं। लेकिन इस मदरसे में जो होता है वो सबसे अलग है। ये मदरसा दूसरों से कुछ खास ऐसे है क्योंकि यहां एक गौशाला है। जहा तालीम के साथ मदरसे में पढ़ने वले बच्चे शिक्षा के साथ-साथ गौ सेवा भी सीखते हैं। भोपाल के नजदीक बने इस मदरसे में करीब 200 छात्र पढ़ते हैं। सुबह से लेकर शाम तक इन्हें इस्लामिक शिक्षा के साथ-साथ मॉडर्न एजुकेशन, जैसे हिंदी और इंग्लिश भी सिखाई जाती है। इसके अलावा इन छात्रों को मदरसे में देशभक्ति का भी पाठ भी पढ़ाया जाता है। सुबह की शुऱुआत मदरसे में पढ़ाई से होती है।

जिसके बाद छात्र बारी-बारी से गौशाला जाते हैं और गायों की सेवा करते हैं। ये छात्र गायों को रोटी भी खिलाते हैं। इसके अलावा इन गायों की दूध ही मदरसे के छात्रों को पीने के लिए भी दिया जाता है। गायों को रोजाना नहलाया जाता है और पास के जंगलों में चराने के लिए ले जाया जाता है। दारुल उलूम हुसैनिया मदरसे के सेक्रेटरी सूफी मुशाहिद उज जमान खान चिश्ती का कहना है कि मदरसे के संस्थापक सालों पहले यहां पालने के लिए गाय लाये थे क्योंकि उन्हें बताया गया था कि इसके घी और दूध में बीमारियों से लड़ने की ताकत होती है। उसके बाद से ही उस गाय की नसलें यहां गौशाला में रह रही हैं। यहां करीब 25 गाय और भैंस हैं। इस मदरसे में पढ़ाई के साथ-साथ मुस्लिम बच्चों को गौसेवा सिखाई जाती है।

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