लाइफस्टाइलहेल्थ

शारीरिक व मानसिक वृद्धि के लिए खाने में शामिल करें ये चीजें

नई दिल्ली (लोकसत्य)। उम्र के अनुसार जब बच्चों की शारीरिक व मानसिक वृद्धि होती है तो उनके खाने की डाइट में बदलाव करने की काफी जरुरत होती हैं। माता पिता ही होते है जो कि अपने बच्चों की स्वस्थ जिदंगी के लिए उनके खाने में स्वस्थ आहार को शामिल कर सकते हैं। इसके लिए जरुरी है कि उनके आहार में विभिन्न तरह के खाद्य तत्व शामिल हो जो कि संतुलित आहार हो। इससे पहले यह पता होना जरुरी है कि बच्चों के विकास व विकास के लिए कौन से पोषक तत्व जरुर हैं।


ब्रिटिश न्यूट्रिशन फाउंडेशन के अनुसार पांच साल की उम्र के बच्चों को आहार में स्टार्चयुक्त, कार्बोहाइड्रेट, फल, सब्जियां, प्रोटीन व डेयरी खाद्य पदार्थ देना बहुत जरुरी हैं। जो न केवल उन्हें पोषित करेंगे बल्कि उनके शरीर के विभिन्न अंगों की वृद्धि में भी मदद करेगें।


प्रोटीन
बच्चों के शरीर के उचित विकास, रख रखाव व मुरम्मत के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप उन्हें मीट, मछली, अंडे, डायरी, दालें, बीन्स व सोया उत्पाद दे सकते हैं।


कार्बोहाइड्रेट
कार्बोहाइड्रेट यानि की स्टार्च बढ़ते बच्चों के लिए ऊर्जा का काफी अच्छा स्त्रोत होता है। यह ज्यादातर आलू, चावल, अनाज, जेई, रोटी में पाया जाता हैं। साबुत अनाज में काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता हैं।


वसा
बच्चों को स्वस्थ रहने के लिए आहार में वसा को शामिल करना बहुत जरुरी होता है, लेकिन वसा भी सही मात्रा में शामिल करना चाहिए। मांस, तैलीय, मछली, डेयरी उत्पाद, घी, मक्खन, नट्स आदि कई खाद्य पदार्थ है जिन्हें हम भोजन में शामिल कर सकते है। खाने में जब अधिक भोजन शामिल होगा तो बच्चों को बाद में ह्दय रोग जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।


कैल्शियम
कैल्शियम हड्डियों व दांतों के लिए बहुत जरुरी होता है। बढ़ते हुए शरीर में कैल्शियम की जरुरत भी अधिक होती है। दूध, दही, पनीर, टोफू के इलावा सोया बींस, हरी पत्तेदार सब्जियों में भी कैल्शियम की अधिक मात्रा पाई जाती हैं।


आयरन
शरीर में खून की सही मात्रा के साथ ऑक्सीजन की सही मात्रा बनाए रखने के लिए शरीर में आयरन की बहुत ही जरुरत होती हैं। इसके लिए खाने में साबुत अनाज, आयरन फोर्टिफाइज अनाज, दालें, बींस, दुबला मांस, सूखे फल, पालक जैसी सब्जियों को शामिल करना चाहिए।

विटामिन
हमारे शरीर में 6 तरह के विटामिन पाए जाते है। जो कि विभिन्न तरह की बीमारियों से बच्चों का बचाव करते है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close