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Varuthini Ekadashi 2021: जानें, हिन्दू धर्म में वरूथनी एकादशी का क्या है महत्व

नई दिल्ली (लोकसत्य)। Varuthini Ekadashi 2021: बैशाख का महा हिन्दू कैलेंडर के अनुसार साल का दूसरा महा होता है इस महीने महीने में कई व्रत व् त्यौहार आते हैं उन व्रत में से एक है वरुथिनी एकादशी का व्रत। इस तिथि को भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा व व्रत किया जाता है। वैशाख मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। वैसे तो हर महा के कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। एकादशी का व्रत मास में दो बार और पूरे साल में 24 पड़ती हैं। लेकिन वरुथिनी एकादशी का व्रत वैशाख मास में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी व्रत को ही किया जाता है।

इस बार वरुथिनी एकादशी का व्रत 7 मई 2021 दिन शुक्रवार को किया जाएगा। वरुथिनी एकादशी व्रत को विधिपूर्वक पूर्ण करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैंऔर जीवन में शांति आती है।इस व्रत को यदि कोई अभागिनी स्त्री करे तो उसको सौभाग्य मिलता है।वरुथिनी एकादशी का फल दस हजार वर्ष तक तप करने के बराबर होता है। वरुथिनी एकादशी का व्रत करने वालों को दशमी के दिन निम्नलिखित वस्तुओं का त्याग करना चाहिए। मांसहरी भोजन, कांसे के बर्तन में भोजन करना, मसूर की दाल, चने का शाक, कोदों का शाक, दूसरे का अंत,दू सरी बार भोजन करना, स्त्री प्रसंग।

एकादशी तिथि के आरंभ का समय 06 मई 2021 को दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से होगा और समापन का समय 07 मई 2021 को शाम 03 बजकर 32 मिनट पर होगा मान्यता है की इस व्रत का उद्यापन भी किया जाता है जोकि बड़े ही धूम धाम से किया जाता है। वरूथिनी एकादशी के व्रत को करने से मनुष्य इस लोक में समस्त सुखों को भोगकर परलोक में स्वर्ग को प्राप्त करता है।

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