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क्राइम ब्रांच ने पकड़ी पश्चिम बंगाल से सप्लाई होने वाली नकली नोटों की खेप

नई दिल्ली, लोकसत्य। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की नारकोटिक्स सेल एक तरफ जहां दिल्ली व आसपास चल रहे नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। वहीं दूसरी आपराधिक गतिविधियों पर भी शिकंजा में जुटी है। इसी कड़ी में डीसीपी क्राइम जॉय टिर्की व एसीपी नारकोटिक्स आर.के.ओझा के निर्देशन में इंस्पेक्टर राम मनोहर की टीम ने 9 जुलाई को सराय काले खां से मोहम्मद इमरान व मोहम्मद जिआउल्लाह नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। साथ ही इन दोनों आरोपियों से नारकोटिक्स सेल की टीम ने एक लाख रुपये की कीमत के नकली नोट भी बरामद किये हैं। बरामद सभी नकली नोट 2000-2000 के हैं। पश्चिम बंगाल से लाये जाने वाले यह सभी नोट बड़ी ही चालकी और होशियारी के साथ असली नोटों  की तैयार किये हुये थे।  

क्राइम ब्रांच के एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजीव रंजन के मुताबिक नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर राम मनोहर की अगुआई वाली टीम में एसआई रवि को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग जो नकली नोटों की तस्करी में शामिल हैं, वो सराय काले खां में नकली नोटों की खेप सप्लाई के लिए आने वाले हैं। वहीं नकली नोटों को बेचने के लिए बंगाल टाइगर कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस टीम ने हेड कांस्टेबल रमेश को बतौर ग्राहक आरोपियों से डील करने भेजा जो बंगाल टाइगर कोड वर्ड बोलने पर आरोपियों ने 2000 के 6 नकली नोट यानी 12000 मूल्य के नकली नोट 6000 मूल्य के असली नोटों के बदले दे दिया। जिस पर एसआई रवि ने टीम के अन्य सदस्य कांस्टेबल सुखबीर के साथ दोनों आरोपियों को पकड़ा।

दिल्ली पुलिस की क्राइब ब्रांच की नारकोटिक्स सेल की ओर से दबोचे गये नकली नोट के तस्कर।

आरोपी संगम विहार में करते हैं मीट बेचने का काम

पूछताछ में पता चला कि मोहम्मद इमरान संगम विहार में रहता है व मीट बेचने का काम करता है जबकि जिआउल्लाह उसकी दुकान पर काम करता है। 2014 में आरोपी इमरान नकली नोट रखने के केस में थाना साकेत में गिरफ्तार हुआ था। जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी खुद को नकली नोटों के अवैध व्यापार में जल्दी पैसा कमाने के लोभ से खुद को अलग नहीं कर सका और खुद को पुलिस की नज़र से बचाने के लिए हमदर्द नगर में मीट बेचने लगा। इस काम में उसने अपने दुकान पर काम करने वाले जिआउल्लाह को भी शामिल कर लिया जो मुम्बई में फैक्ट्री में काम करता था व कुछ महीनों पहले दिल्ली में अपने रिश्तेदार के जरिए इमरान के संपर्क में आया था।

पश्चिम बंगाल से लाते थे नकली नोट

आरोपी इमरान जेल से आने के बाद हेरोइन के काम में पूरी सावधानी बरतने लगा और लोगों को अपने असल नाम इमरान के बदले अपना नाम शहीद बताता था। इमरान अपने अन्य साथियों के साथ पश्चिम बंगाल से नकली नोट ले कर आता था व दिल्ली में बाज़ार व अन्य जगहों पर नकली नोट इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस दिल्ली व पश्चिम बंगाल में आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

Posted By: Bhupender Panchal

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