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राफेल पर मोदी मुझसे संसद में आंख से आंख नहीं मिला पाये: राहुल

ऊना/चंडीगढ़, लोकसत्य। देश में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में पहुंचने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि संसद में जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राफेल विमान सौदे पर देश को स्पष्टीकरण देने को कहा था तो वह असल मुद्दे पर तो कुछ नहीं बोले और इधर उधर की बात करते रहे। यहां तक कि उनसे और देश की जनता से आंख तक नहीं मिला पाये।
गांधी ने हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर सीट से पार्टी प्रत्याशी रामलाल ठाकुर और चंडीगढ़ से प्रत्याशी पवन कुमार बंसल के लिये चुनावी जनसभाओं को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को चौकीदार कहते हैं लेकिन वह उन्हें बताना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री कभी चौकीदार नहीं हो सकता। उसका काम जनता की भलाई करना होता है। लेकिन अगर आप चौकीदार हैं तो राफेल सौदे में अनिल अम्बानी को 30 हजार करोड़ क्यों दे दिये।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि फ्रांस के राष्ट्रपति कहते हैं कि हिंदूस्तान का प्रधानमंत्री ने उसने राफेल विमान ठेका अनिल अम्बानी को देने की सिफारिश की थी। उन्होंने मोदी से पूछा कि अगर आप चौकीदार हैं तो देश को बताईये कि फ्रांस के राष्ट्रपति आपके बारे में ऐसा क्यों कह रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने राफाल सौदे की फाईल में स्वयं लिखा है कि मोदी इस सौदे पर फ्रांस सरकार और रफाल बनाने कम्पनी दसाल्ट के साथ समानांतर बातचीत कर रहे हैं। गांधी ने कहा कि उन्होंने मोदी को संसद में उन्हें राफेल सौदे की सच्चाई देश को बताने के लिये पूरा मौका दिया और इस सौदे पर उठे सवालों का जबाव देने को कहा। 526 करोड़ रूपये का विमान 1600 करोड़ रूपये क्याें खरीदा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड(एचएएल) को ठेका क्यों नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि मोदी ने संसद में अपना डेढ़ घंटे के भाषण में लेकिन असली मुद्दे का जबाव नहीं दिया। ‘प्रधानमंत्री ने मेरे सवालों का जबाव नहीं दिया। यहां तक वह मुझसे आंख से आंख तक नहीं मिला पाये और इधर ऊधर देखते रहे।“
उन्होंने कहा कि मोदी ने अपनी ही टीम के लोगों की इज्जत नहीं की। इस सम्बंध में उन्होंने अपने कोच लालकृष्ण आडवाणी को ही सबसे पहले दरकिनार किया। कबड्डी खेल का जिक्र करते हुये उन्होंने दावा किया कि मोदी की टीम सदस्यों गडकरी, सुषमा और जेटली जैसे नेताओं ने उन्हें सलाह दी थी कि वह अकेले न चलें लेकिन मोदी ने अपनी टीम का इस्तेमाल नहीं किया और वह अकेले ही निकल पड़े भिढ़ने और अब कांग्रेस उन्हें नियाेजित तरीके से घेर लिया है और उनका खेल खत्म है और चुनाव की खत्म है।
गांधी ने कहा कि मोदी कहते थे अच्छे दिन आएंगे और जनता ने उन पर भरोसा किया। उन्होंने रिजर्व बैंक और किसी अन्य से सलाह लिये बगैर ही नोटबंदी कर दी जिससे आम जनता, व्यापारी और छोटे दुकानदार और कारोबारी परेशान हुये और बरबाद हो गये। फैक्टरियां, कारखाने और कारोबार चौपट हो गये और नौकरियां चली गईं और लाखों लोग बेरोजगार हो गये। उन्होंने कहा कि अकेले नोटबंदी के कारण ही मोदी ने देश का सकल घरेलू उत्पाद को दो प्रति
नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने विजय माल्या, नीरव मोदी और मेरूल चौकसी, अम्बानी और अडानी समेत 15 बड़े उद्योगपतियों के लिये काम किया। उन्हें लाखों करोड़ों रूपये दे दिये। इनके कर्ज माफ कर दिये लेकिन आम जनता और गरीबों की बात नहीं सुनी।
कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय योजना का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि इसके तहत पांच करोड़ गरीब परिवारों में से प्रत्येक को हर वर्ष 72 हजार रूपये मिलेंगे। इससे हर गरीब परिवार की जिंदगी की बदल जाएगी। उन्होंने इस योजना के लिये केंद्र में बनने वाली कांग्रेस की प्रस्तावित सरकार की इस योजना के लिये धन जुटाने का गणित भी समझाया और कहा कि गरीब जब यह पैसा खर्च करेंगे तो बाजार में मांग बढ़ेगी जिससे बंद कारखाने फिर से शुरू होंगे तथा रोजगार के अवसर सृजित होंगे और बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।

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