देशबड़ी खबरें

हमारे धैर्य की परीक्षा लेने की गलती न करे चीन: General Narwane

नई दिल्ली (लोकसत्य)। चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में करीब दस महीने से चल रहे गतिरोध के बीच सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने आज दो टूक शब्दों में कहा कि भारत बातचीत और राजनैतिक प्रयासों से मुद्दे का समाधान करने का पक्षधर है लेकिन किसी को भी हमारे धैर्य की परीक्षा लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।

सेना दिवस के मौके पर शुक्रवार को परेड ग्राउंड में अपने पारंपरिक उद्बोधन में जनरल नरवणे ने कहा, “पिछला वर्ष सेना के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। उत्तरी सीमा पर चीन के साथ चल रहे तनाव से सभी परिचित हैं। देश की सीमाओं पर एकतरफा बदलाव की साजिश का मुंह तोड़ जवाब दिया गया। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहूंगा कि गलवान के वीरों की शाहदत व्यर्थ नहीं जायेगी। भारतीय सेना देश भी संप्रभुता और सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आने देगी। हम बातचीत और राजनैतिक प्रयासों से विवादों के समाधान के प्रति वचनबद्ध हैं लेकिन कोई भी हमारे धैर्य की परीक्षा लेने की गलती न करें।”

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडर स्तर की आठ दौर की बातचीत हो चुकी है और परस्पर तथा समान सुरक्षा के सिद्धांत पर मौजूदा स्थिति का हल निकालने के प्रयास जारी रहेंगे। पूर्वी लद्दाख में नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों के हौसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “भारी ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमारे सैनिकों का मनोबल उन पर्वत शिखरों से भी बहुत ऊंचा है जिनकी वो मुस्तैदी से रक्षा कर रहे हैं।”

जनरल नरवणे ने देश सेवा में प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों की शाहदत को भी इस मौके पर याद किया और उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा, “आज हम अपने उन शहीदों को याद करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा में वीरगति प्राप्त की है। उनकी शाहदत समस्त देश और भारतीय सेना के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं उनके परिवारों को विश्वास दिलाता हूं कि हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर हमेशा खड़े रहेंगे।”

इस मौके पर उन्होंने सेना द्वारा विकसित ‘इंडियन आर्मी मोबाइल ऐप’ की भी शुरूआत की। उन्होंने कहा कि ये ऐप देश के नागरिकों खास तौर पर युवा पीढी को भारतीय सेना के बारे में विस्तृत जानकारी देगी।जनरल नरवणे ने मंगलवार को सालाना संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि चीन और पाकिस्तान के बीच सैन्य और असैन्य क्षेत्रों में मिलीभगत बढ रही है जो भारत के लिए खतरा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि था सेना दोनों मोर्चों पर एक साथ मुकाबला करने में सक्षम तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

पाकिस्तान के बारे में आज उन्होंने कहा कि वह आतंकवादियों को पनाह देने की अपनी आदत से लाचार है लेकिन सेना ने उसकी हर नापाक हरकत का करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में आतंकवादी घुसपैठ के लिए लांच पैड पर हैं। उन्होंने कहा, “सीमा पार प्रशिक्षण शिविरों में तकरीबल 300 से 400 आतंकवादी घुसपैठ करने की फिराक में बैठे हैं। पिछले वर्ष संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में 44 फीसदी की बढोतरी हुई जो पाकिस्तान की नापाक हरकर का सबूत है।”

उन्होंने कहा कि सेना के सक्रिय अभियानों और कड़ी निगरानी के चलते दुश्मन की हरकतों का मुंहतोड जवाब दिया गया है और आतंकवाद रोधी अभियानों में 200 से भी अधिक आतंकवादी मारे गये हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में स्थिति में सराहनीय सुधार हुआ है और करीब 600 विद्रोहियों ने आत्मसर्मपण किया है।

सेना प्रमुख ने कहा कि इक्कसवीं सदी की चुनौतियों का सामना करने और युद्ध क्षमता बढाने के उद्देश्य से सेना आधुनिकीकरण तथा पुनर्गठन की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। ‘इमरजेंसी और फास्ट ट्रैक’ योजना के जरिये 5000 करोड़ रूपये के हथियार और सामान की खरीद की गयी है। इसके साथ ही सेना में हर क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को भी निरंतर अपनाया जा रहा है।

73 वें सेना दिवस पर देश भर के सैन्य स्टेशनों पर परेड और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजधानी दिल्ली में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जनरल नरवणे ने अपने उद्बोधन से पहले भव्य परेड की सलामी ली। उन्होंने वीरता के लिए सेना के रणबांकुरों को 15 सेना पदक प्रदान किये। इनमें से पांच पदक मरणोपरांत दिये गये। इसके अलावा 23 यूनिटों को शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रशस्ति पत्र दिये गये।

सेना के विभिन्न दस्तों ने इस मौके पर भव्य परेड का प्रदर्शन किया जिसके बाद टी-90 टैंक भीष्म, ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली, पिनाका राकेट प्रणाली, तोप आदि का भी प्रदर्शन किया गया। सेना ने अपनी ड्राेन क्षमता का भी प्रदर्शन किया जिसके दौरान देश में ही डिजायन किये गये और विकसित ड्रोन ने अपने करतब भी दिखाये।

Tags
Show More

Related Articles

Back to top button
Close