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कोरोना लॉकडाउन: सभी प्रकार के सामान लाने और ले जाने को मिली छूट

नई दिल्ली,(लोकसत्य)। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के पांचवे दिन केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने अहम फैसला लेते हुए कहा कि किसी भी सामान  लाने और ले जान  पर अब रोक नहीं होगा। साथ मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि लॉकडाउन के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों एवं बेघर लोगों को आश्रय मुहैया कराने के लिए राज्य आपदा राहत कोष  के इस्तेमाल करे।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने रविवार को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रवासी श्रमिकों  समेत बेघर लोगों को आश्रय एवं भोजन मुहैया कराने के लिए राहत शिविर स्थापित किए जाए। साथ ही अधिकारियों से प्रवासियों का आवागमन रोकने के कदम सख्ती से लागू करने को कहा गया

पत्र में कहा गया है कि मैं यह सूचित करना चाहता हूं कि देश में कोविड-19 संक्रमण  को फैलने से रोकने के लिए लागू बंद के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों समेत बेघर लोगों और राहत शिविरों एवं अन्य स्थानों में शरण लेने वाले लोगों को भोजन मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।

पत्र में यह भी  कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन कानून लागू करने के लिए पहले ही आदेश दे दिया है जिसके तहत जिला प्राधिकारियों को प्रवासी श्रमिकों का आवागमन रोकने के लिए अतिरिक्त कदम सख्ती से लागू करने और उन्हें पृथक रहने की सुविधाएं, आश्रय एवं भोजन मुहैया कराने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके वेतन का भुगतान किया जाए और उनके मकान-मालिक उन्हें घरों से नहीं निकालें.

गृह सचिव ने एक पत्र में कहा कि इसका सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है। पत्र में यह स्पष्ट किया गया कि सभी जरूरी और गैर जरूरी वस्तुओं में भेद किए बिना सभी सामान की ढुलाई की अनुमति दी गई है। गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रिंट मीडिया के लिए छूट के तहत अखबार आपूर्ति की व्यवस्था को भी इजाजत दी गयी है।

भल्ला ने कहा कि बंद की अवधि के दौरान पैकेटबंद सामग्री सहित दुग्ध संग्रहण और वितरण की आपूर्ति श्रृंखला को भी अनुमति दी गयी है। उन्होंने बताया कि हैंडवाश, साबुन, मुंह धोने वाली सामग्री जैसे साफ-सफाई के सामान, बैटरी और चार्जर की भी अनुमति दी गयी है।

साथ ही इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी  की सेवाओं को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की व्यवस्था में शामिल किया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को भी छूट दी गई और कम से कम कर्मियों के साथ काम करने को कहा गया है।

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