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आम बजट 2020-2021: GST का कलेक्शन लगातार बढ़ रहा, 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार:निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली, लोकसत्य। केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करने से पहले कविता पाठ किया। उन्होंने लोकसभा में पंडित दीनानाथ की एक कश्‍मीरी कविता पढ़ने के साथ बजट की शुरूआत की। उन्‍होंने हिंदी में उसका अनुवाद करते हुए कहा- हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसा, हमारा वतन डल लेक में खिलते हुए कमल जैसा, नौजवानों के गरम खून जैसा, मेरा वतन तेरा वतन हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्‍यारा वतन। वित्‍त मंत्री ने कहा कि हर काम जो हम करते हैं वह इस सुंदर देश के लिए करते हैं।

भारत आज दुनिया में बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं की अगुवाई कर रहा है। 2014 से 2019 के बीच मोदी सरकार की नीतियों की वजह से 284 बिलियन डॉलर का एफडीआई आया जिसने कारोबार को बढ़ाया।

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी से देश आर्थिक रूप से एकीकृत हुआ। इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ। जीएसटी का कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है और हाल ही में इसने 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। जीएसटी काउंसिल की ओर से लोगों की समस्याओं को सुना जा रहा है। 1 अप्रैल 2020 से सरलीकृत नई विवरणी प्रणाली शुरू की जाएगी। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास से कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति गई गुना बढ़ी।

मंत्री निर्मला ने कहा कि जीएसटी रेट घटने से हर परिवार को हर महीने औसतन 4 फीसदी की बचत हो रही है। जीएसटी ने कुछ चुनौतियों का भी सामना किया। हमने 60 लाख से ज्यादा नए टैक्सपेयर को जोड़ा। अपने पूर्ववर्ती अरुण जेटली को याद करते हुए निर्मला सीतारमण ने उन्‍हें एक विजनरी नेता बताया। उन्‍होंने कहा कि जेटली जीएसटी के चीफ आर्किटेक्‍ट रहे हैं।

हमारे लोगों के पास रोजगार होना चाहिए। यह बजट उनकी आय सुनिश्चित करने और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाने के लिए है। अर्थव्‍यवस्था के आधार मजबूत हैं। महंगाई को अच्‍छे से काबू किया गया है। बैंकों के कर्ज को सुधारा जा रहा है। 2014-19 के बीच गवर्नेंस में आमूल-चूल बदलाव आया। भारत की जनता ने नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों का एक सुर में समर्थन किया है। यह बजट आपके उद्देश्‍यों, आकांक्षाओं और उम्‍मीदों का बजट है।  

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