देश

Global approach के साथ भारत बनेगा आत्मनिर्भर : डॉ़ निशंक

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा़ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि शिक्षा आत्मनिर्भर भारत को प्रभावी, स्थायी, सार्थक एवं सशक्त बनाने की सबसे मजबूत इकाई है। डॉ़ निशंक ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये बठिंडा स्थित पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन के दौरान कहा कि यह कैंपस 500 एकड़ में बना देश का पहला ऐसा कैंपस है जिसे पर्यावरण मैत्री एवं ऊर्जा दक्षता भवन-निर्माण के लिए पांच स्टार रेटिंग दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा किये गए शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शोध को आधार बनाते हुए और आत्मनिर्भर भारत की और कदम रखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी ने अनेक महत्वपूर्ण अनुसंधान किए हैं, चाहे वो मानव मस्तिष्क में कैंसर के फैलाव पर शोधकार्य हो या वनस्पतियों का उपयोग करते हुए बायो-हर्बीसाइड पर शोधकार्य हो, यही ‘लोकल टू Global approach’ ही हमें आत्मनिर्भर भारत बनाएगी। उन्होंनें कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि भारत सरकार द्वारा जारी एन.आई.आर.ऍफ़. रैंकिंग में 87वां रैंक प्राप्त करने वाली पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय शीर्ष 100 में स्थान बनाने वाला देश का सबसे युवा विश्वविद्यालय है।

शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय के दो शिक्षकों की अंटाकर्टिका की यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुझे जानकर बड़ा गर्व महसूस हुआ कि डॉ़ फेलिक्स बास्त व डॉ़ जितेंदर पटनायक ने 36वें इंडियन साइंटिफिक एक्सपेडिशन टू अंटाकर्टिका 2016-17 में भाग लिया और शोध हेतु अंटार्कटिका में लगभग चार माह का समय व्यतीत किया, मैं आप दोनों को बधाई देते हुए आशा करता हूं कि आप ऐसे ही आगे भी शोध करते करते रहेंगे।

उन्होंने पंजाब केंद्रीय विद्यालय में अनुसंधान की बात करते हुए कहा कि 63 करोड़ धनराशि की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की 210 शोध परियोजनाओं के साथ पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के पास देश में प्रति संकाय शोध परियोजना प्राप्त करने का श्रेष्ठ अनुपात है और इस परिसर में पांच देशों के 27 विदेशी विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जो यह दर्शाता है कि भारत में ऐसे विश्वविद्यालय हैं जो देश के पुनः विश्वगुरु बनने के सपने को साकार करने के लिए तत्पर हैं और तेजी से इस ओर बढ़ा रहा है।

उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित सुधारों के बारे में सभी को अवगत करवाया। उन्होनें कहा कि इस नीति के माध्यम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ओर जहां एचइसीआई जैसी बॉडी का गठन किया गया जाएगा तो वहीं दूसरी ओर संस्थानों को स्वायत्त, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि नई नीति भारतीय मूल्यों पर आधारित है और यह अंतरराष्ट्रीय मानदंडों पर खरी उतरेगी। यह नीति अत्यंत प्रभावशाली होगी और समावेशी भी होगी। इसमें पांच-आई (इंडियन, इंटरनेशनल, इम्पैक्टफुल, इंटरैक्टिव और इंक्लूसिव) का फार्मूला अपनाया गया है।

डॉ निशंक ने कहा कि हम एक ग्लोबलाइज्ड संसार में रह रहे हैं जिसमें ग्लोबल इकॉनमी, ग्लोबल कल्चर, ग्लोबल नॉलेज सिस्टम, ग्लोबल एजुकेशन सिस्टम, ग्लोबल माइंड सेट के साथ ही हम आगे बढ़ सकते हैं। इस ग्लोबल एप्रोच के साथ भारत ने आत्मनिर्भर बनने का भी रास्ता भी चुना है। इस आत्मनिर्भरता की इमारत को प्रभावी, स्थाई, सार्थक एवं सशक्त बनाने की सबसे मजबूत इकाई शिक्षा है और शिक्षा तथा ज्ञान के संचय के लिए हमने सभी दरवाजे खोल रखे हैं।

उन्होनें इस कैंपस के उदघाटन पर विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अन्य लोगों को बधाई दी और कहा कि पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, थाईलैंड आदि अनेक देशों के विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके फलस्वरूप विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है । मुझे पूर्ण विश्वास है कि पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान के संकल्प को आगे बढाता रहेगा।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close