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एनजीओ, सामाजिक संगठन जनसंख्या वृद्धि दर कम करने में दें योगदान : हर्षवर्धन

नयी दिल्ली, (लोकसत्य)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने जनसंख्या वृद्धि दर कम करने पर जोर देते हुए स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) तथा सामाजिक संगठनों से इसके लिए जुटकर प्रयास करने का अनुरोध किया है।

हर्षवर्धन ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जनसंख्या एवं विकास पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की एक कार्यशाला को गुरुवार को संबोधित करते हुए कहा कि एनजीओ और सामाजिक संगठनों को प्रति वर्ष एक महीने का समय जनसंख्‍या स्थिरीकरण के लिए कार्य करने के वास्ते समर्पित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण शिशु-मातृ मृत्‍यु दर कम करने, मातृ शिशु स्वास्थ्य बेहतर बनाने जैसे कार्य सरकार या कोई और इकाई अकेले नहीं कर सकती। इन लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए सरकार, सिविल सोसायटी, निजी तथा कार्पोरेट क्षेत्र, समुदाय के नेताओं और मीडिया को महत्‍वपूर्ण भूमिका निभानी पड़ेगी। उन्होंने कहा,“आइए हम सब रोकथाम की जा सकने वाली बीमारियों से किसी गर्भवती महिला और बच्‍चे की मृत्‍यु न होने दें।”

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जनसंख्‍या स्थिरीकरण गुणवत्‍तापूर्ण जीवन और संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं के लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने की दिशा में बेहद महत्‍वपूर्ण है। हमें स्‍वास्‍थ्‍य को सभी सार्वजनिक नीतियों के घटक के तौर पर रखना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पोलियो उन्‍मूलन के अभियान से यह सीख मिलती है कि कठिन दिखाई देने वाले कार्य भी समाज की भागीदारी से सफल बनाए जा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमें कामयाब कहानियों के अनुभवों से सीखना होगा और चुनौतियों से सबक लेना होगा। हमें अपने लक्ष्‍यों की प्राप्ति के लिए इस तरह के ज्ञान और संसाधनों पर निर्भर करना होगा।”

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्‍व में देश 2022 तक नये भारत के निर्माण का साक्षी बनेगा जिसमें विकास के लिए स्वास्थ्य की निर्णायक भूमिका होगी। सरकार स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े मसलों का समाधान करने इसके स्‍तर में सुधार लाने और गुणवत्‍तापूर्ण सेवाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में परिव्यय की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के लिए इस साल का बजट देश में स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र को दिये जाने वाले महत्‍व की झलक प्रस्‍तुत करता है। इसमें कुल परिव्‍यय में लगभग 19 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
समारोह में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने परिवार नियोजन पर मंत्रालय के नये जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। सूचना और संवाद को महत्‍व देते हुए उन्होंने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने का सबसे प्रभावी तरीका लोगों तक सही सुचनाओं को पहुंचाना है।

इस अवसर पर केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण राज्‍य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि परिवार नियोजन और जनसंख्‍या स्थिरीकरण के लिए लोगों को जागरुक बनाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि किसी राष्‍ट्र के विकास के लिए जनसंख्‍या और स्‍वास्‍थ्‍य महत्‍वपूर्ण घटक है। परिवार नियोजन एक महत्‍वपूर्ण निर्धारक है। परिवार नियोजन केवल जनसंख्‍या स्थिरीकरण तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह महिलाओं, परिवारों और समुदायों के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य को भी सुनिश्चित करता है।


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