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करतारपुर गलियारे के उद्घाटन दिवस पर भी मेहमानों से 20 डॉलर का शुल्क लेगा पाकिस्तान

नई दिल्ली, (लोकसत्य)। करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के चंद घंटों पहले पाकिस्तान ने भारत सरकार को सूचित किया है कि वह नौ नवंबर शनिवार को उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने एवं करतारपुर साहिब गुरुद्वारे जाने वाले सभी विशिष्ट अतिथियों से 20 डॉलर प्रतियात्री का शुल्क लेगा।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने अभी तक पहले जत्थे में जाने वाले यात्रियों की सूची को औपचारिक स्वीकृति की सूचना नहीं दी है, जबकि समझौते के प्रावधान के अनुसार, पांच नवंबर तक औपचारिक स्वीकृति प्रदान की जानी थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को नियमित ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा था कि भारत ने नौ नवंबर को करतारपुर जाने वाले 576 लोगों की सूची पाकिस्तान को 30 अक्टूबर को सौंपी थी जिस पर पांच नवंबर तक पाकिस्तान की स्वीकृत आ जानी थी। उन्होंने औपचारिक स्वीकृत नहीं आने का संकेत देते हुए कहा था कि हम मान कर चल रहे हैं कि स्वीकृति मिल जाएगी और इसी दृष्टि से हमने उन सभी लोगों को कह दिया है कि वे चलने काे तैयार रहें।

पहले जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी के अलावा अनेक सांसद, यूरोपीय संसद के कुछ सांसद, राज्य सरकारों के मंत्री, विधायक, सरकारी अधिकारी तथा ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ इंडिया कार्ड धारी प्रवासी भारतीय भी जाएंगे जिनकी सुरक्षा एवं प्रोटोकाॅल संबंधी औपचारिकताएं और सुरक्षा संबंधी विशिष्ट आवश्यकताएं हैं। मुख्यमंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री को आतंकवादियों का सीधा खतरा है। इस बारे में पाकिस्तान से सुरक्षा इंतजामों को लेकर समन्वय से काम करने का अनुरोध किया गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक नवंबर काे ट्वीट करके कहा था कि वह करतारपुर गलियारे से भारत से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए दो प्रमुख जरूरतों में रियायत देंगे और उद्घाटन दिवस और गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश वर्ष के मौके पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उधर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल असीम गफूर का बयान आया कि करतारपुर आने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए वीसा जरूरी होगा। भारत ने इस बारे में भी पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांगा है लेकिन पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार शाम तक कोई जवाब नहीं दिया है।

सूत्रों केे मुताबिक इसके अलावा भारत को इस बारे में लगातार खुफिया सूचनाएं मिल रहीं हैं कि गुरुद्वारे के आसपास भारत विरोधी तत्वों की सक्रियता है। समझौते में पाकिस्तान ने गलियारे के आसपास से भारत विरोधी गतिविधियों को नहीं होने देने का वादा किया है। पाकिस्तान की ओर भी उद्घाटन समारोह होना है जिनमें भारतीय यात्री भी शामिल होंगे। इस बारे में भी विदेश विभाग से समन्वय का आग्रह किया गया है। पर इस बारे में कोई साफ साफ उत्तर नहीं मिल रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि भारत के लिए करतारपुर गलियारा एक आस्था का मामला है और सरकार पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एक करार पर दस्तखत किये गये हैं और उसमें पासपोर्ट की अनिवार्यता लिखी है। वास्तविकता में यात्रा का यह नियम तब तक लागू होगा जब तक कि समझौते के संशोधित स्वरूप पर दस्तखत ना हो जाएं। पाकिस्तान को समझौते में एकतरफा बदलाव करने या घोषणा करने का कोई हक नहीं है।

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