देश

तीन दशक बाद तंबू से निकलकर फाइबर मंदिर में विराजमान होंगे रामलाल

अयोध्या (लोकसत्य)। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। वहीं 6 दिसंबर 1992 के बाद से रामलला एक तंबू के नीचे विराजमान हैं। लेकिन इस बार नवरात्र के पहले दिन रामलला को तंबू से हटाकर बुलेटप्रूफ फाइबर मंदिर में शिफ्ट किया जाएगा। शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्र्स्ट के महासचिव और वीएचपी नेता चंपत राय ने परिसर का जायजा लेने के बाद यह बात कही है।

विवादित ढांचा विध्वंस के बाद से रामलला टाट के नीचे विराजमान थे। अब 27 साल बाद उन्हें शिफ्ट करके फाइबर के मंदिर में 24 मार्च को स्थापित कर दिया जाएगा। इस दिशा में काफी जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। शनिवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सदस्यों के साथ परिसर का पूरी तरह से निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और कमिश्नर गुप्ता भी 1 घंटे तक परिसर में मौजूद रहे।

चंपत राय ने बताया,यहां की व्यवस्था को बड़ी बारीकी से देखकर यह निर्णय लिया गया है, रामलला को नवरात्र के पहले दिन से पहले टाट के मंदिर से मुक्त कर दिया जाए। फाइबर मंदिर के बारे में बताया, यह दिल्ली में तैयार हो रहा है और सुरक्षा व्यवस्था के तहत इसका निर्माण करवाया जा रहा है। मंदिर का निर्माण और इस राम मंदिर परिसर में स्थापित करने का काम सुरक्षा एजेंसी के ऊपर है। वह समय से फाइबर मंदिर बनवा कर यहां स्थापित कर देगी।’ इसके साथ ही ट्र्स्ट की बैठक की तारीख भी तय हो गई है।

तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 4 अप्रैल को अयोध्या में होगी। चंपत राय ने बताया कि इस बैठक के सिलसिले में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की 4 अप्रैल को होने वाली बैठक में राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन तथा इसके निर्माण से संबंधित अन्य बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद निर्णय होगा। राय ने बताया कि परिसर में कार्य संतोषजनक और प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय का भवन भी निश्चित कर लिया गया है, जोकि राम मंदिर के प्रवेश द्वार के चेक पॉइंट के बगल ही स्थित है। इस भी पूरी तरह से व्यवस्थित किया जाएगा।

Tags
Show More

Related Articles

Back to top button
Close