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केपीएल फिक्सिंग में गौतम और काजी पर 27.5 लाख रुपये लेने के आरोप

बेंगलुरु (लोकसत्य)। कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल)-2019 के फाइनल के दौरान कथित स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार विकेटकीपर बल्लेबाज सीएम गौतम और बाएं हाथ के स्पिनर अबरार काजी पर एक अन्य केपीएल टीम, बेंगलुरु ब्लास्टर्स के खिलाफ लीग-चरण के मैच में रन देने के लिए 27.5 लाख रुपये लेने का आरोप है। वहीं गौतम पर कथित धीमी बल्लेबाजी के लिए एक अन्य टीम बेलागावी पैंथर्स के मालिक से 20 लाख रुपये लेने के आरोप लगे हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार गौतम ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल के अनुसार जांचकर्ताओं के पास मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग में गौतम की भागीदारी को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत थे।

पाटिल ने कहा, ‘पूछताछ अभी जारी है। फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता। हमें संदेह है कि कुछ और लोग मामले में शामिल हो सकते हैं।’ पुलिस ने अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गौतम को गोवा टीम का कप्तान हाल में नियुक्त किया गया था, वह लंबे समय तक कर्नाटक से जुड़े रहे थे जबकि काजी मिजोरम टीम के सदस्य हैं। दोनों केपीएल में बेल्लारी टस्कर्स के लिए खेलते थे जिसने 31 अगस्त को मैसुरु में खेले गए फाइनल में हुबली टाइगर्स के खिलाफ हार झेली थी। गौतम टीम के कप्तान थे और लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने ही ओपनिंग की थी। उन पर जानबूझकर धीमी बल्लेबाजी करने का आरोप है।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ता 31 अगस्त को केपीएल फाइनल के दौरान अलग-अलग घटनाओं की समीक्षा कर रहे थे और यह निर्धारित करने की कोशिश कर रहे थे कि अकेले गौतम की धीमी बल्लेबाजी ने नुकसान में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गुरुवार सुबह बेंगलुरु में गौतम को पकड़ा। तब उन्हें पता चल चुका कि वह पुलिस की पूछताछ का निशाना थे। उनके कुछ साथियों को पहले ही छोड़ दिया गया था।

एक अधिकारी ने कहा कि बेईमान खिलाड़ियों और सटोरियों के पास आपस में बातचीत के अलग-अलग कोड हैं और इसलिए कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश करना एक चुनौती हो सकती है। अधिकारी ने कहा, ‘हम इस मामले में सभी संभावित परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटा रहे हैं।’

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