उत्तराखंड

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने महाकुंभ मेला आईजी से की भेंट

हरिद्वार ( उत्तराखंड)। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने महाकुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल से महाकुंभ मेला 2021 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि महाकुंभ मेला में लाखों करोड़ों तीर्थ श्रद्धालु गंगा घाटों पर महाकुंभ मेला स्नान में शामिल होने के लिए आते हैं। ऐसे में गंगा घाटों पर सीसीटीवी कैमरों की माकूल व्यवस्था को पूरे मेला क्षेत्र में लागू कराया जाए।


साथ ही महाकुंभ मेला क्षेत्र में असामाजिक तत्वों पर रोक लगाने के लिए वृहद स्तर पर सत्यापन अभियान को भी संचालित करना चाहिए। बाहर से आने वाले संत महापुरूषों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोई कोताही ना हो। मेला क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप पुलिस की तैनाती को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आश्रम, अखाड़ों, मठ, मन्दिरों और पौराणिक सिद्ध पीठों की सुरक्षा के कड़ाई से इंतजाम किए जाएं। स्थानीय नागरिकों को परेशान किए बगैर आगामी कुंभ मेले की व्यवस्थाओं का खाका तैयार किया जाए। जिससे लोग सकुशल, निर्विघ्न रूप से महाकुंभ मेला पर्व में अच्छे से अपने धार्मिक क्रियाकलापों व स्नानों को संपन्न कर सकें।


स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक संगठनों के अलावा सभी के सहयोग व विचार विमर्श से कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लागू कराया जाए। देश विदेश से श्रद्धालु भक्तों का आगमन धर्मनगरी में होता है। यातायात पुलिसकर्मी मुख्य मार्गो के अलावा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों के जाम से राहत दिलाने वाली व्यवस्थाओं को लागू किया जाना चाहिए। जिससे बाहर से आने वाले यात्री श्रद्धालु वाहनों के जाम से निजात पा सके। मेला क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों से पूरी तरह से वाकिफ होने चाहिए।


अनुभवी अधिकारियों की अधिक से अधिक तैनाती कुंभ मेले दौरान होनी चाहिए। मेला क्षेत्र में संतों के शिविरों की सुरक्षा को लेकर भी रणनीति के तहत काम किया जाए। जिससे संत समाज भी निर्भीक होकर महाकुंभ मेले के धार्मिक कार्यो को अच्छे से संपन्न कर सकें। महाकुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज को आश्वास्त करते हुए कहा कि महाकुंभ मेले में आने वाले संतों व श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करायी जाएगी। किसी भी संत व श्रद्धालु को सुरक्षा प्रबंधों के चलते किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close