उत्तराखंड

आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश

कोटद्वार (लोकसत्य)। सरकार से मिलने वाला राशन सही और पात्र व्यक्ति तक ही पहुंचना चाहिए। इसके लिए पूर्ति विभाग, शिक्षा व बाल विकास विभाग को सचेत रहना होगा। ये बातें राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत ने जनसुनवाई के दौरान कही। इस दौरान 16 शिकायतें भी दर्ज की गई। मंगलवार को उत्तराखंड राज्य खाद्य आयोग की ओर से जनसुनवाई का आयोजन तहसील सभागार में किया गया।
जनसुनवाई के दौरान उत्तराखंड खाद्य आयोग के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों से आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को साल 2013 में बने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का पूर्णता अनुपालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि अगर किसी भी तरह की कोताही बरती गई तो दोषियों को दंडित किया जायेगा। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि मिड डे मील में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है और इस मामले में किसी भी तरह की शिकायत आयोग के टोल-फ्री नम्बर और ईमेल पर की जा सकती है।
जनसुनवाई में मौजूद निगम पार्षदों ने आयोग के अध्यक्ष के समक्ष खाद्य-पूर्ति विभाग समेत अन्य अधिकारियों पर जनहितों की अनदेखी करने के आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी बार-बार स्टाफ की कमी का हवाला देकर लोगों के काम करने से बचते हैं जिससे जनता को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है। कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से राशन कार्ड बनाने वाले व्यक्ति का समय पर काम न होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए विभाग को राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए शहर के विभिन्न वार्डों में समय-समय पर शिविर लगाने चाहिये।
इस मौके पर जिला पूर्ति अधिकारी खुशहाल सिंह कोहली, तहसीलदार डबल सिंह रावत, पूर्ति निरीक्षक करन क्षेत्री, उपशिक्षाधिकारी अभिषेक शुक्ला, पार्षद विपिन डोबरियाल, कमल नेगी, अनिल रावत, सौरभ नौडियाल, विजेता, पिंकी रावत, सूरज प्रसाद कांति, सुखपाल शाह, गिंदीदास समेत कई अधिकारी और राशन डीलर उपस्थित रहे।

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