उत्तराखंड

कांग्रेस को ईवीएम ने हराया: उपाध्याय

रुड़की (उत्तराखंड)। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने लोकसभा में हुई कांग्रेस की करारी हार का कारण ईवीएम मशीन को बताया है।उन्होंने कहा की चुनाव से पहले ही हम लोगो का एक दल चुनाव आयोग से मिला था और हमने ईवीएम मशीन में खोट बताते हुए संदेह जाहिर किया था।
लेकिन हमारी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। प्रयोग के तौर पर आप अमेठी में ही दोबारा मतपत्रों से चुनाव करा लो, में यकीन दिलाता हूँ की भाजपा प्रत्याशी जो वहाँ से चुनाव जीती है वो अपनी जमानत तक भी नहीं बचा पाएगी। उन्होंने कहा की कांग्रेस, भाजपा और भाजपा नेताओ के षड्यंत्र का शिकार हुई है।
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय आज रूड़की स्थित एक धर्मशाला में आयोजित एक बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इस उन्होंने अपने कुछ पुराने साथियो के साथ एक नया आंदोलन चलाने पर चर्चा की। बैठक में पहुंचे लोगो को सम्बोधित करते हुए किशोर उपाध्याय ने कहा की उत्तराखंड के हर व्यक्ति को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उत्तराखंड में ज्यादातर जंगल का क्षेत्र है। और यहां के रहने वाले वनवासी है। लेकिन उत्तराखंड निवासियों को वनवासी नहीं मानकर उनके अधिकारों से उन्हें वंचित किया जा रहा है।
उनका कहना है की उत्तराखंड क्योंकि ऊर्जा प्रदेश है। इसीलिए हर परिवार साधारण जरूरत के हिसाब से हर परिवार को प्रतिदिन 3 यूनिट बिजली मुफ्त मिलनी चाहिए। रूड़की में जल्द ही नगर निगम के चुनाव होने वाले है। इसीलिए जो भी प्रत्याशी यहाँ चुनाव लड़े वो जनता को विश्वास दिलाये की जीतने के बाद लोगो को मुफ्त पानी मिलेगा। क्योंकि उत्तराखंड में जल का भण्डार हैं। इसीलिए उत्तराखंड के लोगो को पानी का बिल नहीं देना चाहिए और अगर इसके लिए आंदोलन भी करना पड़े तो हम करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेत से पेड़ नहीं काट सकता है। अपना मकान बनाने के लिए अपनी जमीन से मिटटी नहीं उठा सकता। जबकि पहले हमें मकान बनाने के लिए लकड़ी, मिटटी, रेत और बजरी मुफ्त मिलती थी। अब सरकार ने उस पर कब्जा कर लिया है। उत्तराखंड निवासियों का सारा रोजगार जंगल पर ही आधारित रहा हैं। हम जंगल से लकड़ी का कारोबार करते थे। जंगल में पशु चराने का काम करते थे। और अपने घर का खाना भी हम जंगल की लकड़ी से बनाते थे। सरकार ने क्योंकि उस पर कब्जा कर लिया है। इसीलिए कम से कम एक गैस का सिलेंडर हर परिवार के लिए हर महीने मुफ्त मिलना चाहिए।

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