उत्तराखंड

प्रत्येक क्रिया में विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका: अतुल

रुड़की (उत्तराखंड)। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत केंद्रीय विद्यालय नंबर दो रुड़की में इन-सर्विस कोर्स के तहत शिक्षकों को संस्थान की नवीनतम तकनीकियों की जानकारी दी।
शिक्षकों से वार्ता करते हुए सीबीआरआई के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं जिज्ञासा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अतुल कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक क्रिया में विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसे जानने और समझने के लिए विज्ञान को सीखना नहीं बल्कि व्यवहार में लाना आवश्यक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण किसी भी विषय में क्या, क्यों, कैसे जानने की उत्सुकता प्रदान करता है। यह विज्ञान का अध्ययन करने में पहला कदम है।
इसी परिकल्पना का भौतिक प्रकटीकरण प्रौद्योगिकी के रूप में समाज को आगे बढ़ाता है। देश के भविष्य के लिए मजबूत बुनियाद तैयार करने तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक विकास के लिए, विचार-विनिमय, प्रयोगों तथा मूलभूत विज्ञान की समझ के माध्यम से बच्चों में कम उम्र से ही विज्ञान के प्रति उत्सुकता एवं जुनून पैदा करना अनिवार्य है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के वैज्ञानिक स्वभाव को विकसित नहीं होने दे रही है। शिक्षा द्वारा बुद्धि को सोचने के योग्य बनाने का प्रशिक्षण देकर वैज्ञानिक व्यवहार और चेतना जगाने की जगह तथ्यों, सूत्रों और अवधारणाओं को बिना पूर्ण समझ के याद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्रीय विद्यालय के सात मंडलों आगरा, चंडीगढ़, देहरादून, दिल्ली, गुरुग्राम, जबलपुर और वाराणसी के लगभग 40 रसायन विज्ञान के शिक्षकों तथा केंद्रीय विद्यालय नंबर दो के प्रधानाचार्य एवं कोर्स निदेशक अरविन्द कुमार, उपप्राचार्या संगीता खुराना, धीरज गुप्ता और केंद्रीय विद्यालय नंबर एक की शिवानी चाैधरी आदि मौजूद रहे।

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