उत्तर प्रदेश

आदित्यनाथ सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 20 के बाद

शपथ ले सकते हैं कई मंत्री, कई के बदल सकते हैं विभाग

लखनऊ, लोकसत्य
उत्तर प्रदेश की करीब ढाई वर्ष पुरानी योगी आदित्यनाथ सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 20 अगस्त के बाद होगा। राजभवन में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों को पद तथा गोपनियता की शपथ दिलाई जाएगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के दिल्ली दौरे के बाद से ही इस बात की अटकलें काफी थीं। इसी बीच शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के गर्वनर आनंदीबेन पटेल की साथ मुलाकात के बाद इसको और बल मिल गया। योगी आदित्यनाथ सरकार में अभी 43 मंत्री हैं, उत्तर प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसको देखते हुए अभी भी एक दर्जन मंत्री बनाए जाने की गुंजाइश है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने साथ बैठक के बाद इस मंत्रिमंडल का विस्तार को हरी झंडी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। मंत्रिमंडल के विस्तार में आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बीच सभी कैबिनेट मंत्रियों से राजधानी लखनऊ में रहने के लिए कहा है।
सांसद बन चुके हैं तीन मंत्री, एक का इस्तीफा
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें बेवजह भी नहीं। सीटों के अनुपात में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या 60 तक हो सकती है। योगी मंत्रिमंडल में 47 मंत्री थे, जिनमें से तीन रीता बहुगुणा जोशी, डॉक्टर एसपी सिंह बघेल और सत्यदेव पचौरी सांसद निर्वाचित होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे
चुके हैं।
लोकसभा चुनाव 2019 में योगी कैबिनेट में मंत्री रहीं रीता बहुगुणा जोशी ने इलाहाबाद संसदीय सीट पर जीत दर्ज की थी। कानपुर से सत्यदेव पचौरी और आगरा से एसपी सिंह बघेल जीतकर संसद पहुंचे हैं। इन तीनों मंत्रियों ने लोकसभा चुनाव जीतने के बाद योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर भी योगी मंत्रिमंडल से बाहर हो चुके हैं।
संतुलन बनाने का प्रयास
पहले मंत्रिमंडल विस्तार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले विधायकों को विशेष तरजीह दी जाएगी। पूर्वांचल से भी दो नाम शामिल किए जा सकते है। पश्चिम यूपी से भाजपा संगठन के बड़े नेता और एमएलसी अशोक कटारिया के नाम की चर्चा जोरों पर हैं। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में नए चेहरे शामिल होंगे और कुछ मंत्रियों की छुट्टी होगी। इसके साथ ही कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे।
चेहरे के नाम व मंत्रालय आवंटन पर विचार
यूं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एम्स में भर्ती भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को देखने के लिए शुक्रवार को दिल्ली गए थे, लेकिन अमित शाह से उनकी मुलाकात के बाद सूबे में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के दिल्ली जाने और भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल के पहले से वहां मौजूद रहने से इस चर्चा को और बल मिला। चर्चा है शाह से मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने वाले चेहरों और विभागों के आवंटन पर विमर्श हुआ। दिल्ली से वापसी के बाद मुख्यमंत्री शनिवार शाम पांच बजे राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे। योगी आदित्यनाथ व आनंदीबेन की मुलाकात लगभग आधे घंटे की रही। योगी आदित्यनाथ की पहले अमित शाह और फिर आनंदीबेन से मुलाकात के बाद माना जा रहा हैै कि अब कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। रविवार को मुख्यमंत्री गोरखपुर में हैं इसलिए मंत्रिमंडल का विस्तार अगले सप्ताह में किसी भी दिन होने की प्रबल संभावना है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर
मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर होगा। सरकार में पूर्वांचल और बुंदेलखंड की नुमाइंदगी बढऩे के आसार हैं। सांसद बनने वाले तीन मंत्रियों में से दो ब्राह्मण और एक दलित हैं। मंत्रिमंडल में होने वाले समायोजन में इस तथ्य पर भी गौर होगा। राजभर की सरकार से बर्खास्तगी की भरपाई स्वतंत्र प्रभार के मंत्री अनिल राजभर को कैबिनेट मंत्री बनाकर की जा सकती है। राज्य सरकार में गुर्जर समाज का अभी कोई मंत्री नहीं है।
कई मंत्रियों के बदले जा सकते हैं विभाग
विभाग बदलने वाले मंत्रियों की सूची में मंत्री धर्मपाल सिंह और अनुपमा जायसवाल का नाम शामिल है। वहीं चर्चा है कि स्वाति सिंह की छुट्टी हो सकती है। इसके साथ ही नंद गोपाल नंदी का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। भ्रष्टाचार में शामिल कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

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