उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में अब भितरघातियों को चिह्नित करेगी भाजपा

लखनऊ, लोकसत्य। विधानसभा की 11 सीटों पर सोमवार को मतदान समाप्त हो गया। इसी के साथ उम्मीदवारों की तकदीर भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कैद हो गई।
सरकार के ढाई वर्ष बीत जाने के बाद हुए उप चुनाव के परिणाम से लोकप्रियता का भी आकलन होना है। इसीलिए सरकार और संगठन ने पूरी ताकत लगाई और इस उप चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़ा है। शेष आठ सीटें भाजपा के हिस्से में थी। इन सीटों पर जहां टिकट के कई-कई दावेदार थे वहीं कुछ वरिष्ठ नेता अपनी पंसद का उम्मीदवार न मिलने से भी अंदरखाने खफा थे।
लोकसभा चुनाव में टिकट से वंचित होने वाले कई पूर्व सांसदों को भी विधानसभा उप चुनाव में समायोजित किये जाने की आस थी, लेकिन उनकी मुराद पूरी नहीं हुई। ऐसे लोगों की निष्ठा और सक्रियता पार्टी की कसौटी पर है। भाजपा ने यह चुनाव जीतने के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख नेताओं को बूथवार जिम्मेदारी सौंपी। अब इन बूथों पर पड़े मतों से भी नेताओं की अहमियत और सक्रियता का आकलन होगा। पार्टी ने सभी प्रमुख नेताओं की गतिविधियों पर नजर टिका दी थी। चुनाव प्रचार में किसकी क्या भूमिका रही इसकी भी रिपोर्ट तैयार हो रही है।

Tags
Show More

Related Articles

Back to top button
Close