उत्तर प्रदेश

गौ सेवा प्रभु सेवा के समान: श्याम नंदन

मेरठ, लोकसत्य
उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम नन्दन सिंह ने जनपद का दौरान कर तीन गौ सेवा केन्द्रों का निरीक्षण किया व विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने गौवंशों को अच्छा चारा, पानी व चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया तथा कहा कि निराश्रित गौवंश को अपने घर पर रखकर उसकी सेवा करने वाले को सरकार 30 रुपये प्रतिदिन देने पर विचार कर सकती है। उन्होंने परतापुर स्थित गौपाल गौशला को आदर्श गौशाला बनाने तथा बाॅयो गैस को सीएनजी में परिवर्तित करने का प्लांट लगाने के निर्देश दिये।
अध्यक्ष श्याम नन्दन सिंह ने निर्देश दिये कि शहर की गलियों में घूम रहे निराक्षित गौवंश को पकड़ने की कार्यवाही की जाये। गोकशी एंव अवैध बूचड खानों पर रोक लगायी जाये। उन्होंने चारागाह की भूमि को चिन्हित कर वहां चारागाह विकसित करने के लिए कहा तथा जनपद उन्नाव की तरह भूसा बैंक स्थापित किया जाये। उन्होंने कहा कि बड़ी बड़ी सब्जी मण्डियों में सब्जियों के अवशेष इकट्ठे कर चारे के रूप में निराक्षित पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग किये जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि विधान सभावार गांव चयनित किये जायें, जिनके कुछ व्यक्तियों को दो निराक्षित गोवंश दिये जायें सरकार उन्हे 30 रुपये प्रतिपशु देने की कार्यवाही करेगी। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रदेश की गौशालओं का स्वावलम्बी बनाने हेतु गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, बायोगैस तथा गोमूत्र से फिनायल एंव अन्य औषधि बनाकर आवश्यक कार्यवाही की जाये। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एके सिंह ने बताया कि जनपद मेरठ में संचालित 4 पंजीकृत गौशालाओं, 6 अंपजीकृत गौशालाएं, अस्थाई गौआश्रय स्थल-23 एंव वृहद्ध गौसंरक्षण केन्द्र-2 कार्यरत है। जिनमें निराक्षित पशुओं की संख्या 3340 है, जिनका भरण पोषण जिलाधिकारी मेरठ द्वारा दी गयी धनराशि से किया जा रहा है। बृहद गौसंरक्षण केन्द्र आलमगीर परु फरीदपुर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। तथा दूसरे ब्हद गौसंरक्षण केन्द्र का निर्माण ग्राम उकसिया में बनवाने की कार्यवाही की जा रही है।
इस अवसर पर सचिव गौ सेवा आयोग डा. आनन्द कुमार, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी भानुप्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त अमित सिंह सहित नगर निकाय के प्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक क्राइम, समस्त पंजीकृत एंव अपंजीकृत गौशालाओं के प्रतिनिधि तथा समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एंव पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।

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