उत्तर प्रदेश

दलित समाज का मायावती से मोह भंग: निर्मल

मथुरा। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त लालजी प्रसाद निर्मल ने शुक्रवार को कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती के प्रति दलित समाज का मोह भंग हो चुका है।
निर्मल ने पत्रकारों से कहा कि दलित भाजपा के साथ इसलिए हो गया है क्योंकि इस पार्टी में उन्हे सम्मान दिया। उनके आर्थिक उन्नयन के लिए योजनाएं चलाईं तथा उनका लाभ दलितों को मिलना सुनिश्चित किया। आजादी के बाद पहली बार दलितों को गैस सिलिन्डर मिला है, आवास मिला है, उनके घरों में बिजली पहुंच गई है। किसानों के खातों में पैसा गया है तथा इस प्रकार के कार्यों सं उसे अब यह अहसास हो रहा कि आजादी के बाद उसे कुछ हासिल हुआ है। सुश्री मायावती की दलित वोटों पर दावेदारी समाप्त हो गयी है क्योंकि उन्होंने तो दलितों का केवल दोहन ही किया है जिसे दलित अब अच्छी तरह समझ गया है। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख का क्षरण इसलिए भी हुआ क्योंकि वे अम्बेदकर के सिद्धांतों से अलग हो गई। बाबा साहब चाहते थे कि जाति भेद से अलग हटकर समाज बने लेकिन मायावती ने उसे जाति तक ही सीमित कर दिया। अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में लखनऊ की एक रैली में मायावती ने जब यह कहा था कि उनका उत्तराधिकारी उनकी जाति से ही होगा तभी से उनका पतन शुरू हो गया।
उन्होने कहा कि दलितों का उत्थान आरक्षण से नही होगा । यदि उनका उत्थान करना है तो उनके रोजगार के अवसर तलाशने होंगे क्योंकि आरक्षित पद तो लगभग 45 लाख ही हैं।

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