उत्तर प्रदेश

नरसंहार मामले में सीओ समेत सात पुलिसकर्मियो को आजीवन कारावास

जालौन, लोकसत्य। उत्तर प्रदेश में जालौन के कोंच कोतवाली परिसर में हुए नरसंहार मामले में जिला अदालत ने मामले में डीएसपी समेत सात पुलिस कर्मियों को आजीवन कारावास की सजा के साथ सभी पर पुलिस कर्मियों पर 50-50 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वाले में पुलिस उपाधीक्षक भगवान सिंह जो वर्तमान में कानपुर के कर्नलगंज में तैनात थे। सभी आरोपियों को जिला जेल भेजा गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार एक फरवरी 2004 को कोंच कोतवाली में तैनात कोतवाल डीडी राठौर द्वारा एक व्यापारी को हिरासत में लिया गया था। जिसकी पैरवी करने पहुंचे सपा नेता सुरेंद्र निरंजन और उसके भाई रोडवेज कर्मचारी महेंद्र निरंजन तथा उनके मित्र दयाशंकर झा से कोतवाली परिसर में ही पुलिस कर्मियों से नोकझोक हो गई थी। जिसमे कोतवाल डीडी राठौर और अन्य पुलिस कर्मियों ने उनपर ताबडतोड़ फायरिंग कर दी थी। जिसमें तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने कोतवाली सहित तहसील परिसर में आग लगा दी थी। साथ ही जिले भर में आगजनी की घटनाएं हुईं थीं। मामला बढ़ता देख नौ फरवरी को कोतवाल डीडी राठौर और उनके पुत्र अनिल कुमार राठौर, उपनिरीक्षक भगवान सिंह के अलावा कांस्टेबिल लालमणि गौतम, अखिलेश कुमार, राम नरेश त्यागी, सत्यवीर सिंह, भगवानादास सोनी समेत नौ पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले के ट्रायल के दौरान कोतवाल डीडी राठौर और सिपाही भगवान सिंह सोनी की मौत हो गई थी। जिसके बाद सात पुलिस कर्मियों की सुनवाई जिला न्यायालय में की जा रही थी।
इसी दौरान मामले के आरोपी उपनिरीक्षक भगवान सिंह पदोन्नति पाते हुए डीएसपी भी बन गए थे। वर्तमान में वह कानपुर के कर्नलगंज में तैनात थे। उरई स्तिथ जिलान्यायालय में अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश (एडीजे) प्रथम अमित पाल सिंह ने मामले में सातों आरोपियों को कल आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही सभी पर 50-50 हजार रूपये का अथदण्ड भी लगाया गया। सभी आरोपियों को जिलाकारागार भेज दिया।

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