उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में भी सुरक्षित नहीं हैं बेटियां, माता-पिता की चिंता लाजमी

प्रयागराज, लोकसत्य ब्यूरो। हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक की दरिंदगी के बाद हत्या की वारदात ने संगम नगरी के लोगों को भी झकझोरा है। लोग दुखी और आक्रोशित भी हैैं। उनके मन में सवाल है कि क्या यूं ही बेटियां मारी जाती रहेंगी। हैदराबाद में पंक्चर स्कूटी लेकर टोल प्लाजा के पास खड़ी युवती को दरिंदे घसीट ले गए और पुलिस का दूर तक अता-पता नहीं था। प्रयागराज में भी तो बेटियां सुरक्षित नहीं हैैं। यहां सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं होती रहती हैैं। अगस्त और सितंबर में पांच युवतियों की हत्या के बाद शव सड़क से दूर ठिकाने लगा दिए गए। पिछले हफ्ते सरायममरेज में भी एक महिला की हत्या के बाद लाश झाड़ी में फेंक दी गई, हालांकि कातिल पकड़े गए।
झपटमारों के आगे फेल होता तामझाम
शहर में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं से छिनैती तो अक्सर होती है। पुलिस का सारा तामझाम इन झपटमारों के आगे फेल साबित होता रहता है। सिविल लाइंस के एक चौराहे पर छिनैती होती है। लुटेरे भाग जाते हैैं। 15 दिन पहले पीवीआर में पुलिस फोर्स आतंकी हमले से निपटने का रिहर्सल कर रही थी। इसी दौरान 100 कदम दूर चौराहे पर कोचिंग से लौट रही वाराणसी निवासी छात्रा से बाइक सवार बदमाश सरेशाम मोबाइल फोन छीन ले गए। पुलिस पीडि़त छात्रा के पास 25 मिनट बाद पहुंची। अफसरों का दावा रहता है कि शहर में हर तरफ डायल 112 की पीआरवी मुस्तैद हैै, मगर एक भी घटना ऐसी नहीं जिसमें छिनैती कर भागे बदमाशों को पीआरवी की टीम ने पकड़ा हो।
एंटी रोमियो दस्ता भी रहता है निष्क्रिय
आवारागर्दी और छेडख़ानी करने वाले युवकों पर शिकंजा कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हर जिले में एंटी रोमियो दस्ता गठित किया गया है। यहां भी ये दस्ता है मगर कभी इसकी सक्रियता देखने को नहीं मिलती है। शुरू में गल्र्स स्कूल, कॉलेज और कोचिंग के आसपास दस्ता दिखा पर अब निष्क्रियता बरती जा रही है। एडीजी जोन के निर्देश के बावजूद गश्त में लापरवाही हो रही है।
पिछले साल की तुलना में बढ़ गया दुष्कर्म केस
यह भी कड़वी हकीकत है कि पिछले साल की तुलना में इस साल दुष्कर्म की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो गई है। वर्ष 2018 में अक्तूबर तक दुष्कर्म की 41 घटनाएं दर्ज की गईं थीं, जबकि इस वर्ष 64 केस दर्ज हो चुके हैैं। यानी डेढ़ गुना तक इजाफा हुआ है।
सीसीटीवी कैमरे तो 600, चालू हैैं केवल 65
शहर में कुंभ के दौरान सुरक्षा और निगरानी के लिए बड़ी संख्या में एचडी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। दावा है कि शहर के तमाम चौराहों और प्रमुख स्थानों पर 600 कैमरे लगे हैैं। हालांकि इनमें 500 कैमरे दिसंबर के आखिर तक चालू होंगे। बाकी सौ में भी कई खराब या बंद हंै। हकीकत यह है कि 65 या 70 ही कैमरे काम कर रहे हैैं। पिछले दिनों कई वारदातों के बाद क्राइम ब्रांच ने फुटेज देखनी चाही तो तमाम कैमरे खराब मिले थे।
बोले डीआइजी रेंज केपी सिंह
डीआइजी रेंज केपी सिंह कहते हैं कि प्रयागराज समेत परिक्षेत्र के सभी जिलों के एसपी को सख्त हिदायत है कि महिला सुरक्षा के प्रति जरा भी लापरवाही और उदासीनता नहीं बर्दाश्त की जाएगी। पुलिस को खासतौर पर शाम ढले ज्यादा सक्रियता बरतने के लिए कहा गया है। कोई महिला मदद मांगती है तो उसे घर भी पहुंचाने पुलिस टीम जाएगी। सड़क पर गाड़ी में खराबी या पंक्चर जैसी कोई भी दिक्कत होने पर फौरन 112 नंबर पर पर फोन कर मदद ली जा सकती है।

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