उत्तर प्रदेश

प्रशासन की मेहनत से हुई 13 हजार श्रमिकों की वापसी

जिला प्रशासन की कसरत से खिले हजारों श्रमिकों के चेहरे

गढ़मुक्तेश्वर, लोकसत्य
 देश मे वैश्विक महामारी के चलते प्रवासी मजदूरों का धैर्य टूटा तो सड़को पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। केंद्र और प्रदेश सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी श्रमिक सिर पर गठरी लिए घरों के लिए निकल पड़े। वाहनों के आभाव में कई कई सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा के लिए मजबूर हो गए। बगल में बैग, बच्चों की उंगली पकड़ कर घर लौटने वाले श्रमिकों की तस्वीरे आम होने लगी। देखेते ही देखते एक समय पर पैदल, साइकिल और अवैध वाहनों से अपने घर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों की मानो एक होड़ सी मच गई।
हरियाणा, राजस्थान, पंजाब व दिल्ली सहित अनेकों प्रान्तों से प्रवासी मजदूरो का रैला अपने घरों की तरफ बढ़ता चला जा रहा था। ऐसे में कई प्रान्तों के हजारों श्रमिकों का रैला हापुड़-अमरोहा की सीमा पर पहुँच गया लेकिन बृजघाट गंगा पुल पर अमरोहा पुलिस प्रशासन ने मजदूरों को जनपद सीमा पर रोकते हुये वापस हापुड़ सीमा में भेजना शुरू कर दिया। इस मामले को लेकर श्रमिकों ने पुल पर जमकर हंगामा किया।
हंगामे की आवाज लखनऊ तक गूंजी लेकिन अमरोहा प्रशासन द्वारा प्रवासी श्रमिकों को फिर भी कोई साहयता नहीं मिली। जिस पर हापुड़ जिलाधिकारी अदीति सिंह ने कदम बढ़ाते हुए ब्रजघाट पर इकट्टा हुए हजारों श्रमिकों को बसों के द्वारा घर भेजना शुरू किया। जिस के बाद जिला प्रशासन की इस कदम से हजारों श्रमिकों को उन की मजिल मिल सकी। बता दे स्थानीय प्रशासन के लिए हजारों श्रमिकों को उन के घर तक पहुचना एक बड़ी चुनौती थी लेकिन गढ़ उपजिलाधिकारी विजय वर्धन तोमर और गढ़ कोतवाल राजपाल तोमर की मेहनत से हजारों श्रमिकों के चेहरे को घर लौटते हुए मुस्कान मिली। आज ब्रजघाट पर हजारों की संख्या में पहुँचने वाले श्रमिकों की संख्या ना के बराबर ही बची है।उपजिलाधिकारी गढ़ विजय वर्धन तोमर ने बताया कि शासन ने निर्देश अनुसार तीर्थनगरी बृजघाट से अब तक करीब 13 हजार प्रवासी मजदूरों को 417 बसों के माध्यम से अपने घरों के लिए शुक्रवार तक रवाना किया जा चुका है। आगे भी प्रवासी मजदूरों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नही होने दी जायेगी। बसों में सवार करने से पहले मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। साथ प्रशासन ने उनके लिए भोजन-पानी का भी इंतजाम किया गया।
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली के प्रभारी राजपाल तोमर ने बताया कि शासन-प्रशासन के साथ व्यापारी वर्ग और स्थानीय लोगों की मदद से श्रमिकों को हर संभव सहयोग देने की कोशिश की गई हैं। बता दें कि गढ़ कोतवाल ने पिछले कई दिनों से बृजघाट पार्किंग पर लगातार बढ़ती संख्या को अपने सरल स्वभाव के चलते बिना किसी हंगामे के अपने घरों तक भेजने का काम किया है।
तब्लीगी जमातियों ने
बोला शुक्रिया
एक तरफ देश में जहा तब्लीगी जमातियों से जुडी कई प्रकार की खबरे आ रही है वही गढ़मुक्तेश्वर नगर के महेंद्र सिंह डिग्री कॉलेज में बने क्वारंटाइन सेंटर से तब्लीगी जमातियों द्वारा जिला प्रशासन और सरकार के कार्य के लिए धन्यवाद पत्र सामने आया है। बता दे गढ़ नगर में बने क्वारंटाइन सेंटर में बिहार, महाराष्ट्र सहित कई प्रान्त के तब्लीगी जमातियों को क्वारंटाइन किया गया था। अब तय समय अवधि के बाद उन में कोई भी कोरोना लक्ष्ण नहीं होने से छुट्टी दी जा रही है। जिला प्रशासन के अच्छे व्यवहार के चलते अब घर जाते हुए बिहार, महाराष्ट्र के लोगों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। बिहार राज्य से आये जमाती मोहम्मद शाहिद ने गढ़ उपजिलाधिकारी को पत्र देते लिखा है कि मैं आपका, हुकूमते हिन्द और हुकूमते उत्तरप्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा करता हू।

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