उत्तर प्रदेश

सीनियर ने जूनियर महिला डाॅक्टर से की छेड़छाड़

मेरठ, लोकसत्य
आए दिन हंगामे को लेकर सुर्खियों में रहने वाला मेरठ का मेडिकल कालेज में शनिवार की शाम को फिर बवाल हो गया। मामला जूनियर और सीनियर डाक्टरों के बीच छेड़छाड़ को लेकर था। आरोप है कि कालेज के ही एक सीनियर डाक्टर ने जूनियर महिला डाक्टर को अपने घर बुलाया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट और फेल कराने की धमकी दी गई।
पीड़िता डाक्टर किसी तरह से छूटकर अपने साथियों के पास पहुंची और मामले की जानकारी दी। इससे बाद जूनियर डाक्टरों में रोष फैल गया और वे मेडिकल थाने में धरने पर बैठ गए। जूनियर डाक्टरों ने मेडिकल थाने में जमकर हंगामा किया। धरने पर बैठे जूनियर डाक्टर आरोपित की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सूचना पर सीओ भी पहुंच गए। नौचंदी थाने से भी पुलिस बुला ली गई। आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दबिश दी गई, लेकिन हाथ नहीं आया। प्राचार्य आरसी गुप्ता का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, हमने भी सख्त कार्रवाई के लिए कहा है। रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। ईएनटी विभाग की जूनियर डॉक्टर ने रिपोर्ट में कहा कि शनिवार शाम विभागाध्यक्ष डा. कपिल कुमार ने उनको ओटी लिस्ट और कुछ बिल साइन करने के लिए कैंपस में स्थित घर बुलाया था।
साढ़े छह बजे फिर फोन किया और घर आने के लिए कहा। सात बजे वह लिस्ट और बिल लेकर उनके घर पहुंच गई। कुछ ही देर में डा. कपिल भी पहुंच गए और उनको अंदर कमरे में ले गए। आरोप है कि बिल साइन करने के बाद उन्होंने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। उसने विरोध किया तो मारपीट की। साथ ही फेल करवाने की धमकी दी। वह उन्हें धक्का देकर किसी तरह बाहर आई और साथियों के पहुंचकर मामले की जानकारी दी। इस पर जूनियर डाक्टर एकत्र होकर मेडिकल थाने पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। नारेबाकरते हुए थाने में ही धरने पर बैठ गए। आरोपित मुर्दाबाद के नारे लगा।
सूचना पर सीओ हरि मोहन सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने डाक्टरों का समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे रिपोर्ट दर्ज कर आरोपित की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। बाद में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपित के घर पर दबिश दी गई। सीओ हरिमोहन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज हो गई है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई थी, लेकिन आरोपित फरार हो गया। जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। पीड़िता का कहना है कि वह जैसे-तैसे डा. कपिल से छूटकर भागी थी। इसके बाद उन्होंने उसे दो बार फोन किया था, लेकिन डर के चलते उसने फोन रिसीव नहीं किया। उन्होंने कमरे में भी उसे धमकी दी थी। पीड़िता ने सीनियर चिकित्सक से जान का खतरा भी बताया है।

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