उत्तर प्रदेश

15 दिनों में दूसरी बार सिटी बसों का चक्का थमा

लखनऊ, लाेकसत्य। न्यूनतम वेतनमान और बायोमेट्रिक उपस्थिति की मांग को लेकर गोमतीनगर डिपो के कर्मचारियों ने एक पखवारे के भीतर फिर से 34 बसों का चक्का रोक दिया। सुबह की शिफ्ट में मात्र चार गाडिय़ां ही निकल सकीं। सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के आह्वान पर अचानक अपराहन हड़ताल कर दी। दुबग्गा डिपो की इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों से काम चलता रहा।
इससे बीबीडी, टेढ़ी पुलिया, मुंशी पुलिया, इंजीनियरिंग कॉलेज, कमता, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कालेज से पीजीआई, चारबाग आदि मार्गों पर अचानक बसों की संख्या कम हो गई। इससे चौराहों पर यात्री बसों का इंतजार करते दिखे। वहीं कर्मचारियों से वार्ता के लिए सिटी बस के प्रबंध निदेशक आरके मंडल मौके पर जा रहे हैं। सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष संजय शर्मा, महामंत्री दीपक श्रीवास्तव की अगुवाई में अचानक गोमतीनगर डिपो के कर्मचारियों ने मांगें पूरी करने का दबाव बनाते हुए हड़ताल कर दी। इसके चलते करीब 34 बसों का संचालन रुक गया। बसों के आवागमन के समयांतराल में आई कमी से लोगों को दिक्कतें हुईं। भीड़ होने कारण लोग बसों और अन्य साधनों का इंतजाम करते दिखे।
प्रबंध निदेशक सिटी बस आरके मंडल के मुताबिक, मांगें शासन को भेजी जा चुकी हैं। अचानक बिना बताए हड़ताल किया जाना गलत है। दुबग्गा डिपो की सभी बसों का संचालन हुआ है।

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