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झारखंड: अब विधायकों को 04 करोड़ की राशि में से पेयजल योजना में खर्च करने होंगे 50 लाख

रांची (झारखंड)। झारखंड सरकार के नये निर्णय के अनुसार अब राज्य के विधायकों को 50 लाख रुपये पेयजल में खर्च करने ही होंगे। गौरतलब है कि इसबार विधायकों की अनुशंसा पर ली जाने वाले योजना के संशोधन पर मंत्रिपरिषद की बैठक में इस पर मुहर लग गई है। विधायकों को चार करोड़ की राशि में से 50 लाख तक की योजना पेयजल की लेनी होगी। विधायकों की अनुशंसा में शौचालय निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइट और बच्चों का कुपोषणदूर करने के लिए गिफ्ट मिल्क योजना शामिल भी थी।

गौरतलब है कि अब झारखंड सरकार ने इसे भी शिथिल कर दिया है। साथ ही विधायक योजना के तहत पुरानी जो राशि बची  होगी, उसे भी पेयजल आपूर्ति संबंधी योजना के लिए लिया जायेगा। इस राशि का उपयोग मुख्यमंत्री जन जल योजना की जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन और शहरी क्षेत्रों के लिए संबंधित विभाग द्वारा स्वीकृत पाइपलाइन जलापूर्ति योजना में क्षेत्रफल के विस्तार  और उसके सुदृढ़ीकरण के लिए किया जाएगा।

ज्ञातव्य है कि राज्य में पेयजल व स्वच्छता विभाग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य टोलों की शत-प्रतिशत आबादी को पाइपलाइन से पीने का पानी देने के लिए मुख्यमंत्री जन जल योजना चलाई जा रही है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में भी पाइपलाइन जलापूर्ति योजना के तहत पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

राज्य सरकार के नये निर्णय के अनुसार अब राज्य के तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड में भविष्य में विस्तार होने पर उत्पादन होने वाली बिजली का 40 फीसदी हिस्सा बिहार को दिया जायेगा। इसके लिए विनियामक आयोग उसी समय बिजली का दर निर्धारित करेगा। इसके लिए कैबिनेट ने अपनी सहमति जता दी है। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2019-20 में डीबीसी व अन्य के बकाया भुगतान के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम द्वारा अनुदान मद की 300 करोड़ रुपये की राशि देने की स्वीकृति प्रदान की गई है।



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