दिल्लीराज्य

जीडीपी का 6% बजट शिक्षा पर रखना हो अनिवार्य:सिसोदिया

नई दिल्ली, लोकसत्य। दिल्ली के डिप्टी सीएम व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने नई शिक्षा नीति पर केंद्रीय सलाहकारी शिक्षा बोर्ड की स्पेशल मीटिंग आयोजित की गई। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुये सिसोदिया ने कहा कि “आज देश की शिक्षा की सबसे बड़ी समस्या है Highly regulated-Poorly funded. नई शिक्षा नीति में इन दोनों ही समस्याओं का कोई समाधान नहीं दिया है। समय आ गया है कि ऐसा क़ानून बनाया जाय ताकि देश में जीडीपी का कम से कम 6% बजट शिक्षा पर रखना अनिवार्य हो। नई शिक्षा नीति में इस बात पर कोई प्रस्ताव नहीं है कि देश के बच्चों की शिक्षा सरकार का काम है। इसके उलट कई ऐसे प्रस्ताव है जिसमें प्राइवेट शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। देश में सरकारी स्कूल बंद होते जा रहे हैं और जो चल रहे है उनकी गुणवत्ता पर लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है। नई शिक्षा नीति में प्राइवेट शिक्षा बोर्ड बनाने की बात कही गई है। यह बेहद घातक क़दम होगा। शिक्षा देना सरकार का काम है और शिक्षा बोर्ड भी सरकारी ही होने चाहिए। प्राइवेट स्कूलों को अपना बोर्ड बनाने की इजाज़त देना शिक्षा के निजीकरण को और बढ़ावा देगा।

इसी तरह नई शिक्षा नीति में कालेजों को अपनी अपनी डिग्री देने का अधिकार देने की बात कही गई है। इससे फ़र्ज़ी डिग्री का धंधा खुले आम चलने लगेगा और हम चाह कर भी कुछ नहीं कर सकेंगे।

Tags
Show More

Related Articles

Back to top button
Close