दिल्लीराज्य

सीएम किरायेदार बिजली मीटर योजना व्यवहारिक नहीं:गुप्ता

नई दिल्ली, (लोकसत्य)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने केजरीवाल सरकार द्वारा किरायेदारों को सस्ती बिजली मुहैया करवाने के लिए लागू की गयी मुख्यमंत्री किरायेदार बिजली मीटर योजना को आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा छोड़ा गया एक नया शगूफा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली के किरायेदारों के साथ धोखे के सिवाय और कुछ भी नहीं। दिल्ली में लगभग 50 लाख लोग किराए पर रहते हैं। परन्तु अभी तक लगभग 100 लोगों ने ही इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन किया है क्योकि केजरीवाल सरकार द्वारा लागू की गयी योजना व्यवहारिक ही नहीं है। 

गुप्ता ने कहा की केजरीवाल सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली मीटर योजना के अंतर्गत किरायेदारों से जो दस्तावेज माँगे है उन्हें उपलब्ध कराना नामुमकिन है। दिल्ली की कच्ची कलोनियों तथा गाँवों में न तो किरायेदारों के पास रेंट/लीज एग्रीमेंट और न ही नवीनतम तीन महीनों की रेंट स्लिप होती है। आई डी प्रूफ भी केवल कुछ लोगों के पास उपलब्ध होगा क्योंकि मकान मालिकों द्वारा उन्हें किराये की रसीद नहीं दी जाती। अधिकतर स्थानों पर विशेषकर शहरीकृत गाँवों में एक-एक कमरे को 8 से 10 लोग शेयर करते है और इनमे से हरेक किरायेदार के लिए नया मीटर मुमकिन नहीं है। 

गुप्ता ने कहा जहां किरायेदारों के पास रेंट/लीज एग्रीमेंट इत्यादि है उनके यहां मकान मालिकों ने पहले से ही अलग-अलग बिजली मीटर लगा रखे हैं। उन्होंने कहा इस सन्दर्भ में केजरीवाल सरकार द्वारा हर रोज अखबारों में पूरे पृष्ठ के जारी किए जा रहे विज्ञापन करदाताओं के धन के दुरूपयोग के अलावा और कुछ नहीं। वे जनता की गाढ़ी कमाई के इन पैसों को इस तरह बर्बाद कर पुनः सत्ता में आने के लिए उन्हें बेवकूफ नहीं बना सकते।

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