दिल्लीराज्य

सभी डार्क स्पॉट को स्ट्रीटलाईट से करें लैस:बैजल

नयी दिल्ली, (लोकसत्य)। दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने को लेकर उप-राज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में रिव्यू मीटिंग आयोजित की गई। महिला सुरक्षा मुद्दों पर गठित टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुये एलजी बैजल ने लोक निर्माण विभाग, एमसीडी और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि सभी चिह्न्ति डार्क स्पाट पर स्ट्रीटलाईट लगाई जाए। संबंधित अधिकारी डार्क स्पाट्स पर एक समान और अबाध्य रोशनी सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच करें।

मीटिंग में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल, पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, दिल्ली प्रधान सचिव (कानून व न्याय), दक्षिणी दिल्ली नगर निगम आयुक्त, दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (महिला सुरक्षा), मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ड्यूसिब), सचिव (टीटीई), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद सचिव, समाज कल्याण विभाग सचिव, शिक्षा निदेशक, दिल्ली के स्पेशल सेक्रेटरी (गृह), सदस्य सचिव (डीएसएलएसए) और सेफ्टीपीन के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।  

इसके अलावा उप-राज्यपाल ने परिवहन विभाग को बसों में सीसीटीवी और पैनिक बटन लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा और यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी डीटीसी एवं क्लस्टर बसों में महिला हेल्पलाईन नम्बर ठीक ढंग से प्रदर्शित हो। 

बैठक की शुरूआत में 12 जून, 2019 को हुई महिला सुरक्षा पर आयोजित टास्क फोर्स की 09वीं बैठक में पहचाने गए मुद्दों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा के साथ की गई। एनजीओ ’सेफ्टीपिन’ ने दिल्ली में महिला सुरक्षा में सुधार के लिए विभिन्न मानक जैसे कि डार्क स्पाट, दृश्यता, वाक-पाथ और सार्वजनिक परिवहन पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत किया। उप-राज्यपाल को यह भी बताया गया कि सर्वे में वर्ष 2016 में जहां 7438 डार्क स्पाट्स की पहचान की गई थी वर्ष 2019 के सर्वे में केवल 2780 डार्क स्पाट की पहचान की गई हैं।

उप-राज्यपाल ने कहा कि सभी हितधारक दिल्ली को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित शहर बनाने के लिए एक केंद्रित और समन्वित रणनीति पर कार्य करें। मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विभागों को जागरूकता और संवेदीकरण पैदा करने के लिए अपने प्रयास जारी रखने चाहिए।

उप-राज्यपाल को दिल्ली पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कई कदमों के बारे में सूचित किया जैसे-15 पीसीआर केवल महिलाओं द्वारा चालित की जा रही है, संवेदनशील क्षेत्रों में  30 पराक्रम वैन संचालित हैं, 259 महिला बीट पुलिसकर्मी साइकिल एवं मोटरसाइकिल से गश्त कर रहे हैं। केवल महिलाओं से बनी स्वॉट (SWAT) टीम को शामिल किया गया है। 312 महिला पुलिस अधिकारियों को 196 पीसीआर वैन में (दिन-रात शिफ्ट) तैनात किया गया है। 500 पीसीआर वैन लड़कियों के स्कूलों एवं कॉलेजों की समीप तैनात किया गया है।

परिवहन विभाग ने यह बताया कि सीसीटीवी व पैनिक बटन वाली 1000 बसों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। 03 सीसीटीवी एवं 14 पैनिक बटनवाले 25 बसें 20 अगस्त 2019 को क्लस्टर बेड़े में शामिल किया जा चुका है। यह भी बताया गया कि सीसीटीवी एवं पैनिक बटन के लिए निविदा अंतिम चरण में है एवं वर्तमान में संचालित बसों में भी सीसीटीवी अप्रैल 2020 तक लगा दिए जाएगें।

निदेशक (शिक्षा), दिल्ली सरकार ने उप-राज्यपाल को यह सूचित किया कि 892 सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। अब तक 63 स्कूल भवनों के बाहर सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित की गई है एवं शेष स्कूलों को दिसम्बर 2019 तक कवर कर लिया जाएगा।

अध्यक्षा, दिल्ली महिला आयोग ने शहर में उपज रहे ऐसे स्पा, जिसमें अवैध गतिविधियां हो रही हैं, का भी मुद्दा उठाया। उप-राज्यपाल ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह इस मामले में कठोर कार्रवाई करें।

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