दिल्लीराज्य

गंगा-यमुना नदी के जल से तैयार जलकुंड में हुआ खेत्री विसर्जन

नई दिल्ली, (लोकसत्य)। यमुनापार के चंदू पार्क पुरानी अनारकली कालोनी स्थित ‘सिद्ध पीठ श्री सीताराम सन्त सेवा मन्दिर एवम गौ सेवासदन’ में अंतर्राष्ट्रीय महात्यागी खालसा के महंत एवं महामंडलेश्वर राम गोविन्द दास महात्यागी महाराज के पावन सानिध्य में पर्यावरण संरक्षण व नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के दृष्टिगत विसर्जन की परम्परा को बदलने का प्रयास किया गया। इस बार नवरात्र पूजन हेतू स्थापित की गई माँ दुर्गा की मूर्तियों व खेत्री का विसर्जन मन्दिर परिसर में स्थापित यज्ञ मंडप में हवन ( अग्नि) कुण्ड के साथ गंगा व यमुना नदी के पवित्र, स्वच्छ व निर्मल जल से तैयार किये गये विशाल जलकुंड में धूमधाम के किया गया।

विसर्जन समारोह की विशेषता यह रही कि यहां पर मन्दिर के आसपास रहने वाले सैंकड़ों धर्म प्रेमी श्रद्धालुओं द्वारा भी अपने अपने घरों में स्थापित मां भगवती की प्रतिमाओं व खेत्री का विसर्जन किया गया। इतना ही नहीं नवरात्र के दौरान मन्दिर व श्रद्धालुओं के घरों में एकत्र हुए पूजन सामग्री के वेस्ट को भी मन्दिर में स्थापित हवन कुण्ड में अग्नि प्रवाह देकर राख में तब्दील किया गया।

खेत्री विसर्जन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद खुशहाली का संदेश देती हरी भरी खेत्री मन्दिर में चल रही गौ शाला में गौ माता को समर्पित की गई एवं जलकुंड के जल को भक्तों द्वारा पहले मन्दिर परिसर में लगे पेड़ पौधों में डाला गया और जो जलकुंड का जल बच गया उसे भक्तगण ड्रम व बाल्टियों में भर कर अपने घरों में स्थापित पेड़ पौधों में डालने हेतू ले गये। जलकुंड में मिटटी में तब्दील हुई मूर्तियों के अवशेष व विसर्जन में इस्तेमाल हुए कुछ जल को भक्तों द्वारा यमुना नदी परिक्षेत्र के खेतों व पाकों में खाद पानी के रूप में डाला गया।

Tags
Show More

Related Articles

Back to top button
Close