केरलकोरोना वायरसराज्य

निजामुद्दीन तब्लीगी जमात में शामिल केरल के सभी का चला पता: विजयन

तिरुवनंतपुरम, (लोकसत्य)। दिल्ली के निज़ामुद्दीन मरकज़ में तब्लीगी जमात में शामिल होने वाले केरल के सभी लोगों पहचान कर ली गई है और उनमें से 60 लोग फ़िलहाल निगरानी में हैं।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आज मीडिया से कहा,“ हम उन लोगों की लगातार निगरानी कर रहे हैं जो तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे, वह सभी क्वारंटीन में रखे गए हैं और 60 का निरीक्षण किया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है और किसी चिंता की ज़रूरत नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल में आज कोविड-19 के 24 नये मामले, कुल 237 व्यक्तियों का इलाज चल रहा है ।केरल में आज कोविड-19 के 24 ताज़ा मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल रोगियों की संख्या 237 हो गई है। नये मामलों में 12 कासरकोड ज़िले के हैं, तीन एर्नाकुलम ज़िले के, दो-दो मामले तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कन्नूर से हैं और एक पलक्कड से। ताज़ा मामलों में से नौ लोग विदेश से लौटे हैं और बाकी को स्थानीय संपर्क से संक्रमण हुआ है। आज तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड ज़िले में एक-एक मरीज़ ठीक भी हुए हैं।
राज्य में कुल 1,64,130 व्यक्ति निगरानी में हैं, जिसमें 1,63,508 घर पर आइसोलेशन में हैं और 622 अस्पतालों में। परीक्षण के लिए कुल 7,965 नमूने भेजे गए जिनमें से 7,256 निगेटिव पाये गये।
कोरोना वायरस के प्रसार का ब्यौरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “केरल में अब तक कोविड-19 के 265 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से 191 प्रवासी मलयाली हैं जो अन्य देशों से राज्य में आए थे, सात विदेशी नागरिक (पर्यटक) हैं और 67 को प्राथमिक संपर्क के माध्यम से संक्रमण मिला। चार विदेशी सहित 26 लोग कोरोना वायरस बीमारी से पूरी तरह से ठीक हुए हैं।”
उन्होंने घोषणा की कि कासरकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल अगले चार दिनों में कोविड केंद्र के रूप में पूरी तरह क्रियान्वित होगा।
मुख्यमंत्री ने लोगों से दूध की खपत बढ़ाने का अनुरोध किया है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही केरल में दूध की खपत काफ़ी कम हो गई है और सहकारी दूध विपणन महासंघ (मिल्मा) ने 1,80,000 लीटर दूध के अधिशेष की सूचना दी है।
मिल्मा द्वारा अधिशेष दूध को पाउडर में बदलने के लिए तमिलनाडु भेजने के प्रयास पिछले कुछ दिनों में विफल रहे लेकिन राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद तमिलनाडु अब इरोड स्थित तमिलनाडु कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन में 50,000 लीटर दूध स्वीकार करने के लिए सहमत हो गया है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सरकार का आभार व्यक्त किया है।
इस बीच विजयन ने कहा है कि इससे इस संकट के समय डेयरी किसानों को काफ़ी मदद मिलेगी। राज्य भर में केरल राज्य सहकारी उपभोक्ता महासंघ (कंज्यूमरफ़ेड) के आउटलेट के माध्यम से मिल्मा दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों को वितरित करने के लिए भी क़दम उठाए गए हैं। अधिशेष दूध राज्य में प्रवासी मज़दूरों के शिविरों और आंगनवाड़ियों में वितरित किया जाएगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि वह इस पहल से डेयरी किसानों की मदद कर पाएगी।


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