दिल्लीराज्य

आवासीय क्षेत्र में चलने वाली घरेलू औद्योगिक ईकाईयों को राहत

नई दिल्ली, लोकसत्य। विधानसभा में नेता विपक्ष एवं दिल्ली विकास प्राधिकरण तथा बोर्ड ऑफ  इन्क्वायरी एण्ड हियेरिंग के सदस्य विजेन्द्र गुप्ता ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘कारोबार में सुगमता’ की नीति के अनुपालन में डीडीए ने सुनवाई की। सुनवाई के उपरान्त आवासीय क्षेत्रों में चल रहे या नए स्थापित की जाने वाली घरेलू औद्योगिक ईकाइयों को भारी राहत देने वाले संशोधन करने का रास्ता साफ हो गया है। इन संशोधनों को जल्द ही दिल्ली के मास्टर प्लान में शामिल किये जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन संशोधनों से बड़ी संख्या में चल रही तथा नई स्थापित होने वाली घरेलू औद्योगिक ईकाइयों को लाल फीताशाही से मुक्ति मिल जाएगी। अब इन ईकाइयों को दिल्ली सरकार के श्रम विभाग, उद्योग विभाग तथा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी से मंजूरी को समाप्त किये जाने का रास्ता साफ हो गया है। अनुमान के मुताबिक दिल्ली में रिहायशी इलाकों में हजारों की संख्या में 112 सूचियों के अंतर्गत घरेलू औद्योगिक ईकाइयां चल रही हैं। इनसे जुड़े लाखों लोग अपनी आजीविका चलाते हैं।

गुप्ता ने कहा कि विद्यमान प्रावधानों के अंतर्गत 9 कर्मचारियों और 11 किलोवाट पावर सहित घरेलू औद्योगिक ईकाइयों को आवासीय क्षेत्र में जारी रखने के लिए दिल्ली सरकार के श्रम और उद्योग विभागों के साथ-साथ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से वैधानिक स्वीकृति आवश्यक थी। संशोधित नियमों के लागू हो जाने के उपरान्त अब इन ईकाइयों को इन विभागों से मंजूरी लेने की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन ईकाइयों के कारण वातावरण पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े। अतः यह शर्त लागू रहेगी कि किसी भी प्रदूषणकारी औद्योगिक ईकाइयों को घरेलु उद्योग के रूप में अनुमति नहीं दी जाएगी।

नेता विपक्ष ने जानकारी दी कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ने 3 सितम्बर 2019 को सार्वजनिक सूचना जारी की थी जिसके द्वारा उसने प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में आपत्तियां तथा सुझाव आमंत्रित किये थे। ये सुझाव 45 दिन की अवधि तक मांगे गए थे। प्राधिकरण को इस संबंध में जो सुझाव प्राप्त हुए उन पर सुनवाई पूरी कर संशोधन करने का मार्ग खुल गया है।

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