दिल्लीराज्य

कार्तिक पूर्णिमा तक सत्संग व प्रभातफेरी का आयोजन

नई दिल्ली, लोकसत्य। सनातन धर्म वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। यह विचार स्वामी राजेश्वरानंद महाराज ने कार्तिक मास महात्म्य पर सत्संग करते हुए श्रीराजमाता जी मन्दिर कबूल नगर शाहदरा में शिष्य समूह को व्यक्त किए।

कार्तिक मास महात्म्य पर स्वामी राजेश्वरानंद महाराज के सान्निध्य में कार्तिक पूर्णिमा तक सत्संग व प्रभातफेरी का आयोजन श्रीराजमाता जी मन्दिर कबूल नगर शाहदरा में किया गया है। सूर्योदय से पहले जागकर स्नान, तुलसी पूजन व कार्तिक महात्म्य को श्रवण करके प्रभातफेरी करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसी संदर्भ में भक्तजनों को सम्बोधित करते हुए स्वामी राजेश्वरानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ आध्यात्मिक प्रगति व पूर्णतः वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित हैं। गाय, तुलसी पूजन को धर्म के साथ जोड़ने के पीछे संकीर्ण मानसिकता नहीं बल्कि व्यापक पैमाने पर सोच विद्यमान रहती हैं। गाय के उत्पाद गौमूत्र, गौदुग्ध, गौघृत यह सब अमृत तुल्य हैं। उसने कहा कि जिस घर में तुलसी का पौधा विध्यमान होता है मानो वहाँ पर एक छोटा वैध ही उपस्थित हो। इस प्रकार प्रभातफेरी के पीछे जो सोच है वह भोर भई सैर सपाटे के रूप में भक्तजनों को शारिरिक रूप से स्वस्थ जीवन प्रदान करती हैं।

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