उत्तराखंड

गंगा नदी पर बने जानकी सेतु का CM Trivendra ने किया लोकार्पण

ऋषिकेश, लोकसत्य। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को गंगा नदी पर मुनी की रेती ऋषिकेश में 48.85 करोड़ लागत के 346 मीटर लम्बे पैदल झूला पुल जानकी सेतु का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही ऋषिकेश में अभिनव कला वाला ग्लास युक्त बजरंग पुल का भी लोकार्पण किया जायेगा। यह पुल भी डोबरा-चांठी की भांति देश व दुनिया के लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सिंगटाली एवं बीन नदी पर भी एकेश्वर क्षेत्र के लिये पुल का निर्माण किया जायेगा।

योजनाओं के निर्माण के लिये पूरी एकमुश्त धनराशि स्वीकृत की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े तीन साल में 250 से अधिक पुलों के निर्माण का रिकार्ड बना है। इन पुलों में सीमांत क्षेत्रों में बनने वाले पुल भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में परम्परा से हटकर कार्य करना आरम्भ किया है। अब योजनाओं के निर्माण के लिये 2-4 करोड़ स्वीकृत करने के बजाय योजना की लागत का पूरा बजट तथा एक साल में अधिकतम व्यय होने वाली पूरी धनराशि स्वीकृत की जा रही है। डोबरा चांठी पुल के लिये 88 करोड़ एकमुश्त स्वीकृत होने का ही परिणाम रहा कि आज यह पुल बनकर जनता को समर्पित कर दिया गया है। हमारी सोच लक्ष्य पूरा करने की है।
प्रदेश के समग्र विकास में मातृशक्ति का महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने का कि प्रदेश के समग्र विकास में हमारी मातृशक्ति का महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आज 13 जिला पंचायतों, 10 महिलायें अध्यक्ष हैं जिसमें से 9 भाजपा से जुड़ी है। आज महिला घर-परिवार से लेकर जिला पंचायत राजनीति, सामाजिक क्षेत्रों में सक्रियता से कार्य कर रही है। राज्य में 30 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों में 18 हजार सक्रियता से कार्य कर रहे हैं। ग्रोथ सेंटरों के माध्यम से पिछले 6 माह में 6 करोड़ का व्यवसाय हुआ है। जिसमें लोगों को 60 लाख का शुद्ध लाभ हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने कई उद्यमी महिलाओं का भी जिक्र किया।
स्वरोजगार पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं को भी स्वरोजगार के क्षेत्र में ध्यान देना होगा। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही विभागों को 3 लाख का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार के तहत 10 हजार युवाओं को रोजगार दिये जाने का लक्ष्य है
एडवेंचर टूरिज्म बनेगा भविष्य के पर्यटन का सबसे बड़ा आयाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म भविष्य के पर्यटन का सबसे बड़ा आयाम है। टिहरी व विलखेत में इसकी व्यापक संभावनायें हैं। हिमालय का यह क्षेत्र जड़ी-बूटी उत्पादन के लिये भी आदर्श क्षेत्र है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close