उत्तराखंड

Uttarakhand से सटी चीन सीमा पर निगरानी सख्त, सैन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ी

उत्तरकाशी, लोकसत्य। बीते कुछ दिनों से चीन सीमा पर पैदा हुए तनाव के बाद उत्तराखंड से सटी चीन सीमा पर सेना ने निगरानी सख्त कर दी है। सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान बॉर्डर पर लगातार पेट्रोलिंग (patrolling) कर रहे हैं। रात को नाइट विजन (Night vision) उपकरणों से निगरानी की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार बॉर्डर (Border) पर सैन्य वाहनों की आवाजाही आम दिनों की अपेक्षा बढ़ गई है।

उत्तराखंड की चीन से 345 किलोमीटर लंबी सीमा में से 122 किलोमीटर उत्तरकाशी और 88 किलोमीटर सीमा चमोली जिले से सटी है। चमोली की नीती घाटी से सटी सीमा सर्वाधिक संवेदनशील है। यहां स्थित बाड़ाहोती क्षेत्र में चीन वर्ष 2014 से वर्ष 2018 के बीच दस बार घुसपैठ कर चुका है। यही वजह है कि सेना के लिए यह इलाका बेहद खास बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार इन दिनों सीमा पर आला अफसरों की आवाजाही भी बढ़ गई है। उत्तरकाशी की नेलांग घाटी में भी यही स्थिति है।
इस सीमा पर आइटीबीपी की 12वीं और 35वीं वाहिनी के हिमवीरों के साथ सेना के जांबाज सीमा पर पूरी तरह से मुस्तैद हैं। यहां अग्रिम चौकियां 3800 मीटर से लेकर 4600 मीटर की ऊचाई पर हैं। मेजर (सेवानिवृत) आरएस जमनाल ने बताया िक इन दिनों सीमा पर फेस ऑफ डिल की स्थिति है। वह बताते हैं कि सामान्य दिनों में सीमा पर जवान लंबी दूरी की गश्त के बाद अपने कैंप में लौट आते हैं, लेकिन विषम परिस्थति में वह बॉर्डर पर तैनात होती हैं। जब दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे से निश्चित दूरी पर तैनात होती हैं, तो इसे फेस ऑफ डिल कहा जाता है।

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