दिल्लीराज्य

जल बोर्ड के पानी सैंपल 98.19 फीसदी पास

नई दिल्ली, (लोकसत्य)। दिल्ली के पानी पर पिछले दिनों आई बीआईएस की रिपोर्ट दिल्ली सरकार को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश थी। जिसे बेनकाम करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने  पूरी दिल्ली में 10 दिन में 4204 पानी के सैंपल एकत्र किए। जिसमें सभी मानकों का ध्यान रखा गया। पानी को अंतरराष्ट्रीय मानक के लैब में जांच कराया गया। जिसमें पाया गया कि 4128 सैंपल पास हुए हैं। सिर्फ 76 सेम्पल ही असंतोषजनक पाए गए हैं। 98.19 प्रतिशत सेम्पल पास, 1.81 प्रतिशत सैंपल ही फेल हुए। डब्लूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार 5 प्रतिशत सैंपल फेल होने की छूट है। इस तरह साफ है कि दिल्ली का पानी पाने योग्य ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मापदंड के अनुसार भी बहुत बेहतर है। पानी सैंपल रिपोर्ट को मीडिया के सामने रखने के दौरान यह बात दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया ने कही।

मोहनिया ने कहा पिछले दिनों बीआईएस की जो रिपोर्ट आई थी, उस रिपोर्ट पर हमने कहा था कि हम दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी और मैं खुद पूरे दिल्ली से हर म्युनिसिपल वार्ड से कम से कम पांच सेम्पल लेंगे और फिर उसके जो परिणाम होंगे, उसे मीडिया के सामने रखेंगे। सेम्पल लेने के दौरान हमारे साथ कई जगह मीडिया के लोग भी मौजूद थे। पूरे सेम्पल को एकत्र करने में पूरी पारदर्शिता बरती गई है और लोगों को भी आमंत्रित किया गया। इस दौरान पूरी एसओपी का भी पालन किया गया। हमारा यह मानना है कि पिछले दिनों जो बीआईएस की रिपोर्ट आई और 11 सेम्पल्स को लेकर पूरी दिल्ली की रिपोर्ट को प्रकाशित कर दिया गया और यह कहा गया कि दिल्ली का पानी पीने योग्य नहीं है। पानी जहरीला है। यह न केवल दिल्ली जल बोर्ड को बदनाम करने की साजिश थी, साथ ही साथ दिल्ली को भी बदनाम करने की साजिश है। क्योंकि जब हम इसकी गहराई में गए, तो पता लगा कि कहीं न कहीं जो आरओ कम्पनीज हैं, उनको पूरा फायदा पहुंचाने के लिए यह सब कुछ किया गया था।

वाइस चेयरमैन मोहनिया ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड ने पूरी दिल्ली से 4204 सेम्पल एकत्र किए। यह एक बड़ी संख्या है और डब्लूएचओ की गाइड लाइन्स कहती है कि 10 हज़ार लोगों पर कम से कम एक सेम्पल उठाया जाना चाहिए। यह उस गाइड लाइन को भी पूरा करता है और साथ ही साथ हर म्युनिसिपल वार्ड से पांच सेम्पल लिए गए। जिससे कि पूरी दिल्ली में बराबर सेम्पल एकत्र हुए। लिए गए सेम्पल की रिपोर्ट भी सबके सामने रख रहा हूँ। हमने पिछले 10 दिन के अंदर कुल 4204 सेम्पल एकत्र किये हैं। इसमे से 4128 सेम्पल संतोषजनक पाए गए हैं। करीब 76 सेम्पल ही असंतोष जनक पाए गए हैं। यदि प्रतिशत में देखें तो कुल लिए गए सेम्पल में से 98.19 प्रतिशत सेम्पल ठीक पाए गए हैं। पानी पीने के योग्य पाए गए हैं। साथ ही साथ असंतोषजनक सेम्पल 1.81 प्रतिशत हैं।

इसमे सारे यूजीआर को हमने कवर किया है। हमने यह सेम्पल चार स्टेज पर एकत्र किए हैं। यह सेम्पल प्रोडक्शन, प्राइमरी यूजीआर, सेकेंडरी यूजीआर और फिर घर से लिए गए हैं। पानी प्रोडक्शन के हर एक यूनिट से सेम्पल लिए गए हैं। मोहनिया ने कहा कि मेरा यह मानना है कि पिछले दिनों जो बीआईएस की रिपोर्ट आई थी, वह पूरी तरह से न केवल दिल्ली को बदनाम करने की साजिश है, बल्कि कहीं न कहीं हम उसको राजनीतिक तौर पर भी देखते है।  

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