विदेश

कुरैशी ने कहा, 2020 तक एफएटीएफ के सभी लक्ष्यों को हासिल करेगा पाकिस्तान

इस्लामाबाद (लोकसत्य)। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत पर पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की कालीसूची में डलवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। कुरैशी ने कहा कि उनका देश एफएटीएफ की तरफ से रखे गए सभी लक्ष्यों को हासिल करेगा। कुरैशी की यह टिप्पणी एफएटीएफ की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आयी है जिसमें उसने कहा था कि अगर उसने (पाकिस्तान ने) फरवरी तक आतंकवाद को मुहैया कराये जा रहे धन पर लगाम नहीं लगाई तब पाकिस्तान को काली सूची में डाल दिया जाएगा।

एफएटीएफ ने कहा था कि पाकिस्तान ने भारत में कई आतंकवादी हमलों के लिये जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी समूहों को मुहैया हो रहे धन पर लगाम लगाने के लिये बताए गए 27 कामों में से सिर्फ पांच पर अमल किया। कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान को एफएटीएफ की काली सूची में डलवाने में भारत विफल रहा। देश को फरवरी 2020 तक पूरा करने के लिए कई काम सौंपे गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा करेगी और देश को ‘ग्रे’ सूची से बाहर लाएगी। उन्होंने कहा कि एफएटीएफ ने धनशोधन और आतंक के वित्त पोषण को रोकने के लिए सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों को संज्ञान में लिया।

एफएटीएफ एक अंतर सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1989 में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था की शूचिता बनाए रखने के लिये धन शोधन से लड़ने,आतंक का वित्त पोषण रोकने सहित इसतरह के अन्य खतरों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गई थी। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) द्वारा 31 अक्टूबर को प्रस्तावित सरकार विरोधी प्रदर्शन की योजना पर कुरैशी ने कहा कि कुछ लोग कभी भी देश में राजनैतिक स्थिरता का हिस्सा नहीं होने वाले है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रदर्शन से भारत को कश्मीर से ध्यान हटाने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किये जाने के भारत सरकार के फैसले को उठाने की कोशिश कर चुका है हालांकि उस कामयाबी नहीं मिली।

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